Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

3rd September 2026

(1) रूहानी बच्चों ने गीत सुना अर्थात् रूहों ने इस शरीर की कान रूपी कर्मेन्द्रिय द्वारा गीत सुना – दूरदेश से मुसाफिर आया है। तुम सब मुसाफिर हो ना। जो सब मनुष्य मात्र आत्मायें हैं वह सभी मुसाफिर हैं। आत्माओं Read more…


2nd September 2026

(1) कोई भी अपने बड़ों की महिमा नहीं जानते हैं। धर्म स्थापक को गुरू कह देते हैं। वास्तव में उनको गुरू कहना रांग है। क्राइस्ट कोई गुरू थोड़ेही है। वो तो सिर्फ धर्म स्थापन करते हैं। गुरू उनको कहा जाता Read more…


1st September 2026

(1) निराकार शिव का बर्थ मनाया, वह निराकार है तो उसका फिर बर्थ कैसे मनाया जाता है? किसमें आया? आत्मा शरीर में जाती है तो कहा जाता है बर्थ (जन्म) हो गया। आत्मा तो आत्मा ही है। शरीर में प्रवेश Read more…


31st August 2026

(1) बाप समझाते हैं मनमनाभव, इसमें कहने की भी दरकार नहीं। सिर्फ समझाया जाता है कि अपने को आत्मा समझो। देही-अभिमानी भव। भव का अर्थ ही है कि तुम बाप को याद करो तो एवरहेल्दी बन जायेंगे। The Father says: Read more…


30th August 2026

Original Murli Date: 13th April 2011 (1) बाप यह चाहता है कि प्यार की निशानी है कि सदा हर एक के दिल में दिलाराम साथ रहे, कोई भी बच्चा अकेला न हो, कम्बाइण्ड हो। तो चेक करना सदा कम्बाइण्ड रहते Read more…


29th August 2026

Other Topic(s): Causes of Misery; (1) यहाँ साधारण रहना है। न बहुत ऊंच, न बहुत नीच। सब बातों में सहनशीलता चाहिए। निंदा-स्तुति, जय-पराजय, सर्दी-गर्मी, यह सब कुछ सहन करना पड़ता है। समय ही ऐसा है। पानी नहीं मिलेगा, यह नहीं Read more…


28th August 2026

(1) जैसे आत्मा गुप्त है और शरीर प्रत्यक्ष है, आत्मा इन आंखों से देखने में नहीं आती है, इनकागनीटो है। है जरूर परन्तु इस शरीर से ढकी हुई है, इसलिए कहा जाता है आत्मा गुप्त है। आत्मा खुद कहती है Read more…


27th August 2026

Other Topic(s): Creation and Destruction  (1) रूहानी बच्चों को रूहानी बाप बैठ समझाते हैं इसलिए बच्चों को आत्म-अभिमानी हो बैठना है। ऐसा और कोई जगह समझाया नहीं जाता। कोई भी साधू-सन्त ऐसे नहीं समझाते कि आत्म-अभिमानी हो बैठो। यह एक Read more…


26th August 2026

(1) तुम्हारी रूहानी युद्ध है। कभी माया का जोर हो जाता है, कभी ईश्वर का। कभी-कभी तो सर्विस अच्छी तेजी से चलती है। कभी कई बच्चों में माया के विघ्न पड़ जाते हैं। माया एकदम बेहोश कर देती है। लड़ाई Read more…


25th August 2026

(1) प्रश्नः-हृदय को शुद्ध बनाने की सहज युक्ति कौन सी है? उत्तर:-कहाँ भी रहो ट्रस्टी होकर रहो। हमेशा समझो हम शिवबाबा के भण्डारे से खाते हैं। शिवबाबा के भण्डारे का भोजन खाने वालों का हृदय शुद्ध होता जाता है। प्रवृत्ति Read more…


×