Original Murli Date: 13th April 2011 (1) बाप यह चाहता है कि प्यार की निशानी है कि सदा हर एक के दिल में दिलाराम साथ रहे, कोई भी बच्चा अकेला न हो, कम्बाइण्ड हो। तो चेक करना सदा कम्बाइण्ड रहते Read more…
(1) बापदादा यही चाहते हैं कि हर बच्चा स्वराज्य अधिकारी राजा बनें। स्व के ऊपर अर्थात् कर्मेन्द्रियों के ऊपर, मन-बुद्धि-संस्कार के ऊपर राजा बन राज्य करे। भविष्य में तो राज्य अधिकारी बनेंगे लेकिन अभी स्वराज्य अधिकारी राजा बनें। कोई भी Read more…
Original Murli Date: 16 March 2011 (1) जिन्हों को आप सकाश देंगे वही आपके भक्त बनेंगे whoever you give sakaash to, they will become your devotees. Link to the Original Video: https://youtu.be/cfBiP7k5svo
(1) कहाँ भी शरीर द्वारा रहते हैं लेकिन दिल में सदा बाप साथ है इसीलिए बाप को दिलाराम कहते हैं। यहाँ यादगार भी दिलवाला (देलवाड़ा) मन्दिर है। तो सभी के दिल में साथ में दिलाराम है ना! और बाप सदा Read more…
अभी-अभी 5 मिनट के लिए एक ड्रिल बापदादा सबको करा रहे हैं। अपने मन्सा शक्ति से सृष्टि में जो भी आपके भक्त वा अनेक दु:खी अशान्त आत्मायें आपको याद कर रही हैं, हे हमारे पूर्वज हमें थोड़े समय के लिए Read more…
Advanced, Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, मुरली | Murli, वृत्ति और संस्कार | Vritti and Sanskar
“बापदादा हर बच्चे से यही चाहते हैं कि हर एक बच्चा सदा स्वराज्य अधिकारी बनके रहे। कभी–कभी नहीं क्योंकि अभी के स्वराज्य अधिकार का वरदान बाप ने इस संगमयुग के लिए पूरा दिया है, थोड़ा नहीं, कभी–कभी वाला नहीं, सदा। Read more…
Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba, मुरली | Murli
Other Topic(s): Mind “जैसे और कर्मेन्द्रियों को मेरी कहते हो वैसे ही मन को भी मेरा कहते हो। मेरा कहना अर्थात् मालिक बनो। मन में जो संकल्प करने चाहो, जितना समय वह संकल्प करने चाहो वह बंधा हुआ है क्योंकि Read more…
“अभी समय अनुसार जानते हो कि आप पूर्वजों के भक्त लोग दु:खी और अशान्त होने के कारण, आप पूर्वज आत्माओं को कितना पुकार रहे हैं। आवाज सुनने आता है, कैसे दु:ख अशान्ति से पुकार रहे हैं? हमें शान्ति दे दो, Read more…
“आप सभी सवेरे से उठते तो बेफिक्र स्थिति में स्थित होते हो, खाते पीते, कर्म करते कोई फिक्र नहीं। सोते हैं तो भी बेफिक्र, ऐसे बादशाह और बेफिक्र, उठो सोओ, बेफिक्र, ऐसे अनुभव करते हो? क्योंकि आप सबने बाप को Read more…
“तो अपने 5 रूपों को जानते हो ना! पहला सभी का ज्योति बिन्दु रूप, आ गया आपके सामने! कितना चमकता हुआ प्यारा रूप है। दूसरा देवता रूप, वह रूप भी कितना प्यारा और न्यारा है। तीसरा रूप मध्य में पूज्यनीय Read more…