Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

17th December 2025

“प्रश्नः–डबल अहिंसक बनने वाले बच्चों को कौन सा ध्यान रखना है? उत्तर:-1. ध्यान रखना है कि ऐसी कोई वाचा मुख से न निकले जिससे किसी को भी दु:ख हो क्योंकि वाचा से दु:ख देना भी हिंसा है। 2. हम देवता Read more…


16th December 2025

“अब बाप शान्ति–धाम–सुखधाम में ले जाते हैं। इनको कहा जाता है टॉवर ऑफ साइलेन्स अर्थात् साइलेन्स की ऊंचाई, जहाँ आत्मायें निवास करती हैं वह है टॉवर ऑफ साइलेन्स। सूक्ष्मवतन है मूवी, उसका सिर्फ तुम साक्षात्कार करते हो, बाकी उनमें कुछ Read more…


15th December 2025

“कहते हैं मैं तुम रूहों को रूहानी ड्रिल सिखलाता हूँ। वह सब जिस्मानी बच्चों को जिस्मानी ड्रिल सिखलाते हैं। उन्हों को ड्रिल आदि भी शरीर से ही करनी होती है। इसमें तो शरीर की कोई बात ही नहीं। बाप कहते Read more…


आत्म-अभिमानी, देही-अभिमानी, विदेही और अशरीरी स्तिथि में अंतर | Two Types of Soul-Consciousness | Two Types of Bodilessness | Hindi | BK Usha Didi

Video Title: आत्म-अभिमानी, देही-अभिमानी, विदेही और अशरीरी स्तिथि में अंतर | Two Types of Soul-Consciousness | Two Types of Bodilessness | Hindi Speaker: BK Usha Didi Link to the Video: https://youtu.be/mvuB1c5DatA


14th December 2025

“बापदादा जानते हैं जैसे–जैसे समय समीप आ रहा है उसी प्रमाण हर एक बच्चे के दिल में यह संकल्प, यह उमंग–उत्साह है कि अभी कुछ करना ही है क्योंकि देख रहे हो कि आज की तीनों सत्तायें अति हलचल में Read more…


13th December 2025

“तुम सबको ईश्वर का बनाते हो। समझाते हो वह हम आत्माओं का बेहद का बाप है। उनसे बेहद का वर्सा मिलेगा। जैसे लौकिक बाप को याद किया जाता है, उनसे भी जास्ती पारलौकिक बाप को याद करना पड़े। लौकिक बाप Read more…


12th December 2025

“बाप कहते हैं यह भी पूजा करते थे ना। सारी दुनिया इस समय पुजारी है। नई दुनिया में एक ही पूज्य देवी–देवता धर्म रहता है। बच्चों को स्मृति में आया बरोबर ड्रामा के प्लैन अनुसार यह बिल्कुल राइट है। गीता Read more…


11th December 2025

“प्रश्नः–तुम बच्चे किस नॉलेज को समझने के कारण बेहद का संन्यास करते हो? उत्तर:-तुम्हें ड्रामा की यथार्थ नॉलेज है, तुम जानते हो ड्रामानुसार अब इस सारे मृत्युलोक को भस्मीभूत होना है। अभी यह दुनिया वर्थ नाट ए पेनी बन गई Read more…


10th December 2025

“प्रश्नः–संगमयुग पर किन दो बातों की मेहनत करने से सतयुगी तख्त के मालिक बन जायेंगे? उत्तर:-1-दु:ख–सुख, निंदा–स्तुति में समान स्थिति रहे – यह मेहनत करो। कोई भी कुछ उल्टा–सुल्टा बोले, क्रोध करे तो तुम चुप हो जाओ, कभी भी मुख Read more…


9th December 2025

“आत्माओं ने यह शान्ति और सुख का वर्सा कल्प पहले भी पाया था। अब फिर यह वर्सा रिपीट हो रहा है। रिपीट हो तब सृष्टि का चक्र भी फिर से रिपीट हो। रिपीट तो सब होता है ना। जो कुछ Read more…


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