31st March 2026
“बहुत हैं जिन्होंने कसम खाया हुआ है हम श्रीमत पर नहीं चलेंगे। वह छिपे नहीं रहते। कोई की तकदीर में नहीं है तो देह–अभिमान पहले थप्पड़ लगाता है फिर है काम। काम नहीं तो क्रोध, लोभ है। हैं तो सभी…
Read article →“बहुत हैं जिन्होंने कसम खाया हुआ है हम श्रीमत पर नहीं चलेंगे। वह छिपे नहीं रहते। कोई की तकदीर में नहीं है तो देह–अभिमान पहले थप्पड़ लगाता है फिर है काम। काम नहीं तो क्रोध, लोभ है। हैं तो सभी…
Read article →Topic(s): Yagya “यह राजस्व अश्वमेध अविनाशी रूद्र ज्ञान यज्ञ है। इसका क्रियेटर है मात पिता, ततत्वम्। तुम भी यज्ञ के क्रियेटर हो। तुम सब बच्चों को इस यज्ञ की बड़ी सम्भाल करनी है। यज्ञ के लिए बहुत रिस्पेक्ट रहना…
Read article →“खजाने तो बहुत हैं, सबसे पहला खजाना है ज्ञान धन, जिस ज्ञान धन से मालामाल हो गये, महादानी बन औरों को भी बांटते रहते हो। जिस ज्ञान के खजाने से भिन्न–भिन्न बंधनों में फंसी हुई आत्मा, उन सब बंधनों से…
Read article →Topic(s): Remembrance; “यह तो तुम जानते हो कि आत्मा में ही पाप हैं। पुण्य भी आत्मा में हैं। आत्मा ही पावन, आत्मा ही पतित बनती है। यहाँ सब आत्मायें पतित हैं। पापों के दाग लगे हुए हैं इसलिए पाप…
Read article →Topic(s): ज्ञान और अज्ञान | Knowledge and Ignorance; शिव और शंकर | Shiv and Shankar “बाप को नहीं जानना यह हुआ अज्ञान। बाप को बाप द्वारा जानना इसको कहा जाता है ज्ञान। बाप ज्ञान का तीसरा नेत्र देते हैं,…
Read article →“झाड़ वृद्धि को पाना ही है। यहाँ तो यह सारा कनेक्शन है। मीठे दैवी झाड़ का जो होगा वह निकल आयेगा।” “The tree has to grow. Here, all of this is connected. Those who belong to this sweet deity tree…
Read article →“भल मनुष्य गीता पढ़ते हैं परन्तु उससे समझते कुछ नहीं। सबसे जास्ती बाबा को अभ्यास था। एक दिन भी गीता पढ़ना मिस नहीं करते थे। जब मालूम पड़ा गीता का भगवान शिव है, नशा चढ़ गया हम तो विश्व के…
Read article →“बाप कहते हैं हे बच्चे, तो बच्चे होकर यहाँ मधुबन में नहीं बैठ जाना है। तुम अपने गृहस्थ व्यवहार में रहते कमल फूल समान पवित्र रहो। कमल का फूल पानी में रहता है परन्तु पानी से ऊपर रहता है। उन…
Read article →“पहले–पहले बच्चों को सावधानी मिलती है – बाप को याद करो और वर्से को याद करो। मनमनाभव। यह अक्षर भी व्यास ने लिखा है। संस्कृत में तो बाप ने समझाया नहीं है। बाप तो हिन्दी में ही समझाते हैं। बच्चों…
Read article →Topic: Soul Conscious “आज से एक शब्द बदली करो, कौन सा शब्द? जो बार–बार नीचे ले आता है, वह शब्द है – “कारण”। इस कारण शब्द को परिवर्तन कर निवारण शब्द सदा धारण करो क्योंकि अभी आपकी सेवा भी…
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