21st March 2026
Topic: Soul; मातेश्वरी जी | Mateshwariji “अब जो त्रिमूर्ति, गोला, झाड़, सीढ़ी, लक्ष्मी–नारायण का चित्र और श्रीकृष्ण का चित्र – यह 6 चित्र हैं मुख्य। यह जैसे पूरी प्रदर्शनी है, इनमें सब सार आ जाता है। जैसे नाटक के…
Read article →Topic: Soul; मातेश्वरी जी | Mateshwariji “अब जो त्रिमूर्ति, गोला, झाड़, सीढ़ी, लक्ष्मी–नारायण का चित्र और श्रीकृष्ण का चित्र – यह 6 चित्र हैं मुख्य। यह जैसे पूरी प्रदर्शनी है, इनमें सब सार आ जाता है। जैसे नाटक के…
Read article →“बच्चों को ओम् शान्ति के अर्थ का तो पता है कि मैं आत्मा हूँ और मुझ आत्मा का स्वधर्म है शान्ति। मैं आत्मा शान्त स्वरूप, शान्तिधाम की रहने वाली हूँ। यह लेसन पक्का करते जाओ। यह कौन समझाते हैं? शिवबाबा।…
Read article →“रावण राज्य शुरू होने से ही रावण मत पर चल पड़ते हैं। पहले कड़े ते कड़ी भूल इन रावण मत वालों ने की है। रावण की चमाट लगती है। जैसे कहा जाता है शंकर प्रेरक है, बॉम्बस आदि बनवाये हैं।…
Read article →“आगे चल जितना तुम नज़दीक आते जायेंगे, साक्षात्कार होता जायेगा। बाबा हर एक को दिखायेंगे तुमने ऐसा–ऐसा काम किया है। शुरू–शुरू में भी तुमने साक्षात्कार किये हैं। सज़ायें जो भोगते थे वो बहुत ही चिल्लाते थे। बाबा कहते हैं तुमको…
Read article →“बाप से ही तुमको स्वर्ग का वर्सा लेना है, जिसको जीवनमुक्ति कहा जाता है। अभी सब जीवनबन्ध में हैं। खास भारत आम दुनिया, रावण की जेल शोक वाटिका में हैं। ऐसे नहीं कि रावण सिर्फ लंका में था और राम…
Read article →“बाप आकर कहते हैं कल्प–कल्प के संगम पर आता हूँ। सारी रचना के आदि–मध्य–अन्त का राज़ मैं “रचता” ही आकर समझाता हूँ।” “The Father comes and says: I come at the confluence age of every cycle. Only I, the Creator,…
Read article →Topic: Effort “खजाने तो बापदादा द्वारा बहुत अविनाशी प्राप्त हुए हैं। सबसे पहले बड़े ते बड़ा खजाना है ज्ञान धन, जिससे मुक्ति और जीवनमुक्ति की प्राप्ति हुई है। पुरानी देह और पुरानी दुनिया से मुक्त जीवनमुक्त स्थिति और मुक्तिधाम…
Read article →Topic: Om Shanti; Shiv Baba; World Cycle; Advanced “बहुत लोग कहते हैं ओम् शान्ति अर्थात् अपनी आत्मा की पहचान देते हैं। परन्तु खुद समझ नहीं सकते। ओम् शान्ति का अर्थ बहुत निकालते हैं। कोई कहते हैं ओम् माना भगवान।…
Read article →“यह भी भारतवासी समझते हैं, बरोबर हम प्राचीन नई दुनिया के वासी थे, अब पुरानी दुनिया के वासी बने हैं। बाप ने स्वर्ग नई दुनिया बनाई, रावण ने फिर नर्क बनाया है। बापदादा की मत पर तुम अब अपने लिए…
Read article →“एक तो बाप कहते हैं मेरे द्वारा ही बच्चे मुझे जान सकते हैं। फिर मेरे द्वारा सब कुछ जान जाते हैं। सृष्टि के आदि मध्य अन्त का जो खेल है, उनको समझ जाते हैं। और कोई भी नहीं जानते और…
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