Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Category: ड्रामा | Drama

19th June 2026

“बाप कहते हैं – अब निरन्तर यही याद करो। बाप परमधाम से हमको पढ़ाने, राजयोग सिखाने आये हुए हैं। महिमा सारी उस एक की है, इनकी महिमा कुछ नहीं है। इस समय सब तुच्छ बुद्धि हैं” “The Father says: Now Read more…


13th June 2026

“जिन्होंने 84 जन्म लिए हैं वही यह नॉलेज सुनेंगे वा जो सतयुग–त्रेता में आने वाले हैं वही आकर ब्राह्मण बनेंगे, नम्बरवार पुरुषार्थ अनुसार। बाप ने समझाया है अभी तुम ब्राह्मण वर्ण में हो फिर वही देवता वर्ण में आयेंगे।” “Only Read more…


12th June 2026

“ओम् शान्ति। यह किसने कहा? दो बार कहते हैं ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। एक शिवबाबा ने कहा, एक ब्रह्मा बाबा ने। यह बापदादा इकट्ठे हैं। तो दोनों को बोलना पड़े ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। अब पहले किसने कहा? बाद में Read more…


6th June 2026

“बाप समझाते हैं कि तुम जन्म–जन्मान्तर एक–दो को दु:ख देते आये हो, इसलिए तुम आदि–मध्य–अन्त दु:ख पाते हो। एक–दो को पतित बनाते हो। पुकारते भी हैं कि हम पतित हैं, परन्तु बुद्धि में पूरा बैठता नहीं है। कहते भी हैं Read more…


19th May 2026

“मनमनाभव। यह संस्कृत अक्षर वास्तव में है नहीं। बाप ने जब सहज राजयोग सिखाया है तब यह संस्कृत अक्षर बोले नहीं हैं। यह तो संस्कृत जानते ही नहीं हैं। बाप तो हिन्दी में ही समझाते हैं। भल यह रथ हिन्दी, Read more…


6th May 2026

“उस बाप को याद तो सभी मनुष्य करते हैं, उनको ही परमपिता परमात्मा कहते हैं। ब्रह्मा–विष्णु–शंकर को परमात्मा नहीं कहेंगे और किसको परमात्मा नहीं कह सकते हैं। भल इस समय तुम प्रजापिता ब्रह्मा कहते हो परन्तु प्रजापिता को कभी भक्तिमार्ग Read more…


2nd May 2026

“दुनिया वाले भी अब यह समझ रहे हैं कि अब विनाश का समय है और स्थापना–अर्थ भगवान कहाँ गुप्त वेष में है। अब गुप्त वेष में तो तुम आत्मायें भी हो। आत्मा अलग है, शरीर अलग है। यह मनुष्य चोला Read more…


21st April 2026

“तुम बच्चों को अभी धीरज आ गया है। तुम जानते हो हमारा मर्तबा कितना ऊंच है वा कम है।” “You children have now developed patience. You know how elevated or low your status is” “बाप तो कहते हैं कि बच्चों Read more…


16th April 2026

“प्रश्नः–देवी देवताओं के कर्म श्रेष्ठ थे, अभी सबके कर्म भ्रष्ट क्यों बने हैं? उत्तर:-क्योंकि अपने असली धर्म को भूल गये हैं। धर्म भूलने के कारण ही जो कर्म करते हैं वह भ्रष्ट होते हैं। बाप तुम्हें अपने सत धर्म की Read more…


14th April 2026

“तुम बच्चों को बाबा बहुत सहज बात बताते हैं, बरोबर यहाँ भारत में ही स्वर्ग था। लक्ष्मी–नारायण का राज्य था। चित्र भी हैं, यह तो सब मानेंगे कि सतयुग में उन्हों का राज्य था। वहाँ कोई दु:खी नहीं था, सम्पूर्ण Read more…


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