Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Month: August 2026

19th August 2026

(1) रूहानी बच्चों को रूहानी बाप समझा रहे हैं। The spiritual Father explains to you spiritual children. (2) इस समय सब मनुष्य देह-अभिमानी हैं, मैं आत्मा हूँ समझने बदले, समझते हैं मैं फलाना हूँ। यह व्यापार करता हूँ। यह फलाने Read more…


18th August 2026

(1) त्रिमूर्ति भी बड़ा क्लीयर है। ऊपर में शिव भी है। ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी है, सूक्ष्मवतन वासी फिर ऊंच ते ऊंच है भगवान। बच्चे भी समझते हैं जहाँ बाप रहते हैं वह है हम आत्माओं के रहने का स्थान, Read more…


17th August 2026

(1) एक था बाबा, एक था दादा। कहानी सुनाते हैं ना – एक था राजा, एक थी रानी। अब यह फिर हैं नई बातें। एक बाबा एक दादा तुम कहेंगे 5 हजार वर्ष पहले भी एक था शिवबाबा, दूसरा था Read more…


16th August 2026

Original Murli Date: 16 March 2011 (1) जिन्हों को आप सकाश देंगे वही आपके भक्त बनेंगे whoever you give sakaash to, they will become your devotees. Link to the Original Video: https://youtu.be/cfBiP7k5svo


15th August 2026

(1) अभी तुम समझते हो बरोबर बाबा आया हुआ है। हमको इस कलियुगी रावणराज्य से छुड़ाए साथ ले चलेंगे। बाप जानते हैं सभी आत्मायें पतित हैं, इसलिए शरीर भी पतित है। आत्मा को ही पावन बनाकर ले जाते हैं निर्वाणधाम Read more…


The River Ganga (Ganges) Through the Lens of the Murli

“बच्चे बाप के बनते हैं तो बाप कहते हैं – बच्चे तुम्हारी आत्मा पतित है, पतित चल नहीं सकेंगे। यह समझने की बातें हैं।” “When you children belong to the Father, He says: Children, you souls have become impure. You Read more…


14th August 2026

Other Topic(s): Hatha Yoga and Raja Yoga; Body; (1) बाप बच्चों को समझाते हैं कि जिसके योगबल से पाप कटते हैं, उनको खुशी का पारा चढ़ जाता है। अपनी अवस्था को आपेही बच्चे जान सकते हैं। जब अवस्था अच्छी होती Read more…


13th August 2026

(1) मीठे-मीठे बच्चे यह भी जानते हैं कि कलियुग में सबकी तकदीर सोई हुई है। सतयुग में तकदीर जगी हुई रहती है। सोई हुई तकदीर को जगाने वाला और मत देने वाला अथवा तकदीर बनाने वाला एक ही बाप है। Read more…


12th August 2026

(1) जब पाप बढ़ते हैं अर्थात् मनुष्य पाप आत्मायें बन जाते हैं तब ही पतित-पावन बाप आते हैं, आकरके पतितों को पावन बनाते हैं। उस बेहद के बाप की ही महिमा है, उसको वृक्षपति भी कहा जाता है। Only when Read more…


11th August 2026

(1) बाकी थोड़े बादल बचे हैं। जैसे बरसात जब कम हो जाती है तो सागर के ऊपर बादल नहीं होते हैं, ठण्डे हो जाते हैं। वैसे यहाँ भी ठण्डे हो जाते हैं। बादल उनको कहेंगे जो रिफ्रेश हो जाकर वर्षा Read more…


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