(1) अभी तुम समझते हो बरोबर बाबा आया हुआ है। हमको इस कलियुगी रावणराज्य से छुड़ाए साथ ले चलेंगे। बाप जानते हैं सभी आत्मायें पतित हैं, इसलिए शरीर भी पतित है। आत्मा को ही पावन बनाकर ले जाते हैं निर्वाणधाम Read more…
“बच्चे बाप के बनते हैं तो बाप कहते हैं – बच्चे तुम्हारी आत्मा पतित है, पतित चल नहीं सकेंगे। यह समझने की बातें हैं।” “When you children belong to the Father, He says: Children, you souls have become impure. You Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, कर्मातीत अवस्था | Karmateet Stage, देह-अभिमानी और देही-अभिमानी | Body Consciousness and Soul Consciousness, भक्ति | Devotion or Bhakti, सेवा | Service
Other Topic(s): Hatha Yoga and Raja Yoga; Body; (1) बाप बच्चों को समझाते हैं कि जिसके योगबल से पाप कटते हैं, उनको खुशी का पारा चढ़ जाता है। अपनी अवस्था को आपेही बच्चे जान सकते हैं। जब अवस्था अच्छी होती Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, काल | Death, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba, मातेश्वरी जी | Mateshwari ji, मूलवतन और सूक्ष्मवतन | Incorporeal and Subtle Worlds
(1) मीठे-मीठे बच्चे यह भी जानते हैं कि कलियुग में सबकी तकदीर सोई हुई है। सतयुग में तकदीर जगी हुई रहती है। सोई हुई तकदीर को जगाने वाला और मत देने वाला अथवा तकदीर बनाने वाला एक ही बाप है। Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, The Four Yuga (Age) Cycle, उतरती कला और चढ़ती कला | Ascension and Descension, ज्ञान और भक्ति | Knowledge and Devotion, त्रेता | Silver Age
(1) जब पाप बढ़ते हैं अर्थात् मनुष्य पाप आत्मायें बन जाते हैं तब ही पतित-पावन बाप आते हैं, आकरके पतितों को पावन बनाते हैं। उस बेहद के बाप की ही महिमा है, उसको वृक्षपति भी कहा जाता है। Only when Read more…
(1) बाकी थोड़े बादल बचे हैं। जैसे बरसात जब कम हो जाती है तो सागर के ऊपर बादल नहीं होते हैं, ठण्डे हो जाते हैं। वैसे यहाँ भी ठण्डे हो जाते हैं। बादल उनको कहेंगे जो रिफ्रेश हो जाकर वर्षा Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, अमृतवेला | AmritVela, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba, ब्रह्मा बाबा | Brahma Baba, मातेश्वरी जी | Mateshwari ji, श्रीमत | Shrimat
(1) बाप तो सिर्फ तुम बच्चों को ही देखते हैं, उनको तो किसी को याद नहीं करना है। इनकी आत्मा को तो बाप को याद करना है। बाप कहते हैं हम दोनों तुम बच्चों को ही देखते हैं। मुझ आत्मा Read more…
(1) कहाँ भी शरीर द्वारा रहते हैं लेकिन दिल में सदा बाप साथ है इसीलिए बाप को दिलाराम कहते हैं। यहाँ यादगार भी दिलवाला (देलवाड़ा) मन्दिर है। तो सभी के दिल में साथ में दिलाराम है ना! और बाप सदा Read more…
(1) यह भी बच्चे जानते हैं कि दिन-प्रतिदिन हमको शान्ति में ही जाना है। शान्ति तो सबको बहुत पसन्द होती है। बड़े आदमी जास्ती नहीं बोलते हैं और न जोर से बोलते हैं। तुम बहुत-बहुत बड़े आदमी बनते हो वास्तव Read more…
(1) नर से नारायण, नारी से लक्ष्मी बनना है। You have to change from an ordinary man into Narayan and an ordinary woman into Lakshmi. (2) तुम ही घर के भाती हो। तुम्हारे से ही बाबा सतयुगी स्वराज्य स्थापन करा Read more…