Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Category: Advanced

16th September 2026

(1) प्रश्नः-बाप समान नॉलेजफुल बनने वाले बच्चों के जीवन की मुख्य धारणा सुनाओ? उत्तर:-वह सदैव मुस्कराते रहते, कभी भी किसी बात में उन्हें रोना नहीं आ सकता। कुछ भी होता है नथिंग न्यु। ऐसे जो अभी नॉलेजफुल अर्थात् रोना प्रूफ Read more…


14th September 2026

(1) दुनिया में एक भी मनुष्य मात्र नहीं जिसको आत्मा का ज्ञान हो। आत्मा का ही ज्ञान नहीं है तो परमपिता परमात्मा का ज्ञान कैसे हो सकता है। Not a single human being in the world has this knowledge of Read more…


12th September 2026

(1) ओम् शान्ति का अर्थ तो रूहानी बाप ने समझाया है। ओम् माना अहम् आत्मा हूँ और मेरा शरीर है। आत्मा तो देखने में नहीं आती है। यह समझ में आता है – मैं आत्मा हूँ, यह मेरा शरीर है। Read more…


10th September 2026

(1) वास्तव में यह अन्धियारा और सवेरा कल्प के इस पुरुषोत्तम संगमयुग पर होता है। अभी अज्ञान अन्धियारा दूर होता है। गाते भी हैं – ज्ञान सूर्य प्रगटा। वह सूर्य तो रोशनी देने वाला है। यह है ज्ञान सूर्य की Read more…


6th September 2026

Original Murli Date: 19th October 2011 (1) जैसे ब्रह्मा बाप विजयी बने, ऐसे हर बच्चा सदा विजयी बने। इसके लिए जैसे ब्रह्मा बाप ने क्या किया? फालो फादर। तो आप सभी भी हर कदम उठाते पहले चेक करो कि यह Read more…


4th September 2026

(1) “मीठे बच्चे – इस बेहद के ड्रामा में हीरो हीरोइन का पार्ट तुम्हारा है, बाप का नहीं, बाप के पास सिर्फ पतितों को पावन बनाने का हुनर है” “Sweet children, you, and not the Father, have the parts of Read more…


27th August 2026

Other Topic(s): Creation and Destruction  (1) रूहानी बच्चों को रूहानी बाप बैठ समझाते हैं इसलिए बच्चों को आत्म-अभिमानी हो बैठना है। ऐसा और कोई जगह समझाया नहीं जाता। कोई भी साधू-सन्त ऐसे नहीं समझाते कि आत्म-अभिमानी हो बैठो। यह एक Read more…


24th August 2026

(1) बाप को सदैव याद करते रहेंगे तो बहुत हर्षित रहेंगे। देह-अभिमान में आने से ही वह खुशी गायब हो जाती है। देही-अभिमानी बनते हो तो बाप को याद करते हो। देह-अभिमान में आने से बाप को भूल दु:ख उठाते Read more…


21st August 2026

(1) सारा पार्ट आत्मा ही बजाती है, न कि शरीर। आत्मा और शरीर जब दोनों का मेल होता है तो पार्ट बजता है। तुम्हारी बुद्धि में आ गया है कि हम आत्मा असुल में निराकारी दुनिया वा शान्तिधाम में रहने Read more…


17th August 2026

(1) एक था बाबा, एक था दादा। कहानी सुनाते हैं ना – एक था राजा, एक थी रानी। अब यह फिर हैं नई बातें। एक बाबा एक दादा तुम कहेंगे 5 हजार वर्ष पहले भी एक था शिवबाबा, दूसरा था Read more…


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