Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Category: योग | Yoga

3rd May 2026

“बापदादा ने देखा कोई–कोई बच्चे बहुत अच्छे याद की लगन में, सेवा में लगे हुए हैं। अमृतवेला बहुत अच्छी रीति से अनुभव करते हैं। अशरीरीपन का भी अनुभव करते हैं लेकिन जब कर्मयोगी बनने का समय आता है तो दोनों Read more…


23rd April 2026

“दिन–प्रतिदिन बच्चों की लगन बढ़ती जाती है। जितना बाप को याद करेंगे उतना लव बढ़ेगा। बील्वेड मोस्ट बाप है ना। न सिर्फ अभी परन्तु भक्ति मार्ग में भी तुम बील्वेड मोस्ट समझते थे। कहते थे – बाबा जब आप आयेंगे Read more…


7th April 2026

“ओम् शान्ति। बाप ने बच्चों को समझाया है – तुम भी कहते हो ओम् शान्ति। बाप भी कहते हैं ओम् शान्ति अर्थात् तुम आत्मायें शान्त स्वरूप हो। बाप भी शान्त स्वरूप है, आत्मा का स्वधर्म शान्त है। परमात्मा का भी Read more…


6th April 2026

“तुम बच्चों की बुद्धि में अब सारा ज्ञान है। बच्चे जानते हैं हम सृष्टि के आदि–मध्य–अन्त को जानते हैं। बाकी अन्त का थोड़ा टुकड़ा है, जिसको भी जान जायेंगे। बाबा पहले से ही सब कैसे बता दे, बाप कहते हैं Read more…


2nd March 2026

Topic: Yog; Remembrance; Murli   “बाप सभी बच्चों को पहले–पहले तो यहाँ बैठ करके लक्ष्य में टिकने के लिए दृष्टि देते हैं कि जैसे मैं शिवबाबा की याद में बैठा हूँ, तुम भी शिवबाबा की याद में बैठो। प्रश्न उठता Read more…


9th February 2026

Title: Soul; World Cycle; बापदादा | BapDada    “बाप, दादा द्वारा अर्थात् शिवबाबा ब्रह्मा दादा द्वारा समझाते हैं, यह पक्का कर लो। लौकिक संबंध में बाप अलग, दादा अलग होता है। बाप से दादा का वर्सा मिलता है। कहते हैं Read more…


31st January 2026

Title: Remembrance; Soul; Shrimat; Yoga   “तुम पवित्र देवी–देवतायें थे, तुम्हारा कुल वा डिनायस्टी है, वह सब निर्विकारी थे। कौन निर्विकारी थे? आत्मायें। अब फिर तुम निर्विकारी बन रहे हो। जैसेकि सर्वशक्तिमान् बाप को याद कर उनसे शक्ति ले रहे Read more…


27th January 2026

Title: ध्यान और योग | Trance and Yoga; ज्ञान और योग | Knowledge and Yoga   “बाबा ने समझाया है – ध्यान और योग बिल्कुल अलग है। योग अर्थात् याद। आंखें खुली होते याद कर सकते हो। ध्यान को योग Read more…


21st January 2026

Title: ड्रामा | Drama; याद की यात्रा | Remembrance; योग | Yoga   “बेहद का बाप बैठ बच्चों को समझाते हैं – मीठे बच्चे अपने को आत्मा समझ मुझ बाप को याद करो और अपने घर को याद करो। उनको Read more…


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