Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Category: 1-Second Drill Exercise

2nd August 2026

अभी-अभी 5 मिनट के लिए एक ड्रिल बापदादा सबको करा रहे हैं। अपने मन्सा शक्ति से सृष्टि में जो भी आपके भक्त वा अनेक दु:खी अशान्त आत्मायें आपको याद कर रही हैं, हे हमारे पूर्वज हमें थोड़े समय के लिए Read more…


12th July 2026

“अभी समय अनुसार जानते हो कि आप पूर्वजों के भक्त लोग दु:खी और अशान्त होने के कारण, आप पूर्वज आत्माओं को कितना पुकार रहे हैं। आवाज सुनने आता है, कैसे दु:ख अशान्ति से पुकार रहे हैं? हमें शान्ति दे दो, Read more…


28th June 2026

“तो अपने 5 रूपों को जानते हो ना! पहला सभी का ज्योति बिन्दु रूप, आ गया आपके सामने! कितना चमकता हुआ प्यारा रूप है। दूसरा देवता रूप, वह रूप भी कितना प्यारा और न्यारा है। तीसरा रूप मध्य में पूज्यनीय Read more…


24th May 2026

Other Topic(s): Meaning of Holi; Anger Original Date: 28th February 2010 “अभी होली में पहले जलाते हैं फिर मनाते हैं। आप भी संगम पर अभी अपने पुराने संस्कार स्वभाव को योग अग्नि में जलाते हो क्योंकि अपने पुराने संस्कार को Read more…


25th January 2026

Title: ज्ञान | Knowledge   “बापदादा ने रिजल्ट में चेक किया तो क्या देखा? ज्ञानी, योगी, धारणा स्वरुप, सेवाधारी, चार ही सब्जेक्ट में हर एक यथाशक्ति ज्ञानी भी है, योगी भी है, धारणा भी कर रहा है, सेवा भी कर Read more…


11th January 2026

Title: सन्तुष्टता | Contentment   “सन्तुष्टता सदा सर्व प्राप्ति सम्पन्न है क्योंकि जहाँ सन्तुष्टता है वहाँ अप्राप्त कोई वस्तु नहीं। सन्तुष्ट आत्मा में सन्तुष्टता का नेचुरल नेचर है। सन्तुष्टता की शक्ति स्वत: और सहज चारों ओर वायुमण्डल फैलाती है। उनका Read more…


28th December 2025

“बापदादा ने पहले भी बताया है कि खजाने तो मिले लेकिन जमा करने की विधि क्या है? जो जितना निमित्त और निर्मान बनता है उतना ही खजाने जमा होते हैं। तो चेक करो – निमित्त और निर्मान बनने की विधि Read more…


7th December 2025

“परमात्मा की डायरेक्ट रचना, पहली रचना आप पवित्र आत्माओं को ही प्राप्त होती है। जिससे आप ब्राह्मण ही विश्व की आत्माओं को भी मुक्ति का वर्सा बाप से दिलाते हो। तो यह सारे चक्कर में अनादि काल, आदि काल, मध्य Read more…


30th November 2025

Avyakt Vaani Date: 18th January 2008   “जो आया है वह जाता भी है लेकिन जायेगा कैसे? स्नेह को याद करने से मेहनत चली जायेगी क्योंकि सभी को भिन्न–भिन्न समय पर बापदादा दोनों के स्नेह का अनुभव तो है। है Read more…


16th November 2025

“आज सर्व खजानों के दाता, ज्ञान का खजाना, शक्तियों का खजाना, सर्व गुणों का खजाना, श्रेष्ठ संकल्पों का खजाना देने वाला बापदादा अपने चारों ओर के खजाने के बालक सो मालिक अधिकारी बच्चों को देख रहे हैं। अखण्ड खजानों के Read more…


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