“मैं आता ही हूँ सिर्फ बच्चों को नॉलेज देने। सुप्रीम रूह, रूहों को बैठ समझाते हैं। रूह ही सुनती है, हर एक बात रूह करती है। संस्कार भी रूह ले जाती है जिसके आधार पर शरीर मिलता है।”I just come Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, उतरती कला और चढ़ती कला | Ascension and Descension, ड्रामा | Drama, भक्ति | Devotion or Bhakti
“तुम जानते हो शिवबाबा तो दाता है। भगवान कभी कुछ ले नहीं सकते, वह तो देते हैं। ईश्वर अर्थ दान सब करते हैं तो समझते हैं – दूसरे जन्म में इसका एवज़ा मिलेगा। कामना तो रखते हैं। अब यह तो Read more…
“तुम जानते हो बाबा हम बच्चों की सेवा करते हैं, हम फिर औरों की सेवा करते हैं इसलिए पूजा होती है। तुम अभी पूज्य बनते हो। आत्मा कहती है बाबा आप तो सदैव पूज्य हो। हमको भी पूज्य बना रहे Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, ड्रामा | Drama, प्रश्न | Question, याद | Remembrance, वरदान | Vardan
“प्रश्नः–तुम बच्चों की इस रूहानी भट्ठी का एक कायदा कौन सा है? उत्तर:-रूहानी भट्ठी में अर्थात् याद की यात्रा में बैठने वालों को कभी भी इधर–उधर के ख्यालात नहीं चलाने हैं, एक बाप को याद करना है। अगर बुद्धि इधर–उधर Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, उतरती कला और चढ़ती कला | Ascension and Descension, जन्मों का चक्र | Birth Cycle, ज्ञान और भक्ति | Knowledge and Devotion, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba, मुक्ति और जीवनमुक्ति | Liberation and Liberation-in-Life, मूलवतन और सूक्ष्मवतन | Incorporeal and Subtle Worlds, श्रीमत | Shrimat, सृष्टि चक्र | World Cycle, हिस्ट्री-जॉग्राफी | History and Geography
“बाप ज्ञान देते हैं सद्गति के लिए। सद्गति कहा जाता है जीवन–मुक्ति धाम को। यह आत्मा को बुद्धि में धारण करना है। हमारा घर शान्तिधाम है। उसको मुक्तिधाम, निर्वाणधाम भी कहा जाता है। सबसे अच्छा नाम है – शान्तिधाम। यहाँ Read more…
Advanced, Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, मुरली | Murli, वृत्ति और संस्कार | Vritti and Sanskar
“बापदादा हर बच्चे से यही चाहते हैं कि हर एक बच्चा सदा स्वराज्य अधिकारी बनके रहे। कभी–कभी नहीं क्योंकि अभी के स्वराज्य अधिकार का वरदान बाप ने इस संगमयुग के लिए पूरा दिया है, थोड़ा नहीं, कभी–कभी वाला नहीं, सदा। Read more…
जोकि सबके पिता हैं, उनका नाम ही है परमपिता परम आत्मा शिव। सिर्फ ईश्वर वा परमात्मा नहीं कहना है। उनका नाम रूप भी है ना, उनको गॉड फादर कहा जाता है। एक है आत्माओं का बाप, दूसरा है साकारी मनुष्य Read more…
“माया ऐसे बाबा की याद भुला देती है, जिससे पतित से पावन बनना होता है। तुम जानते हो कि सर्व का सद्गति दाता एक ही सतगुरू है।” “Maya makes you forget the Baba who makes you pure from impure. You Read more…
“बाप समझाते हैं अभी तुम जानते हो बाप ने कर्म–अकर्म–विकर्म का सारा राज़ समझाया है। सतयुग में तुम्हारे कर्म, अकर्म हो जाते हैं। वहाँ कोई बुरा कर्म होता ही नहीं, इसलिए कर्म, अकर्म हो जाते हैं। यहाँ मनुष्य जो भी Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, देह-अभिमानी और देही-अभिमानी | Body Consciousness and Soul Consciousness, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba, याद | Remembrance
“प्रश्नः–तुम कर्मयोगी बच्चों को कौन सा अभ्यास निरन्तर करना चाहिए? उत्तर:-अभी–अभी शरीर निर्वाह अर्थ देह में आये और अभी–अभी देही–अभिमानी। देह की स्मृति बिगर कर्म तो हो नहीं सकता इसलिए अभ्यास करना है कि कर्म किया, देह–अभिमानी बनें फिर देही–अभिमानी Read more…