Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Category: परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba

25th September 2026

(1) यह घर का घर भी है और युनिवर्सिटी भी है। इसको ही गॉड फादरली वर्ल्ड युनिवर्सिटी कहा जाता है क्योंकि सारी दुनिया के मनुष्य मात्र की सद्गति होती है। रीयल वर्ल्ड युनिवर्सिटी यह है। घर का घर भी है। Read more…


24th September 2026

Other Topic(s): Brothers and Sisters | भाई-बहन;  (1) पहली-पहली मुख्य बात है ज्ञान सागर पतित-पावन, गीता ज्ञान दाता शिव भगवानुवाच। उनको यह पता पड़े कि इन्हों को सिखलाने वाला, समझाने वाला कौन है। वह सुप्रीम सोल, ज्ञान सागर निराकार है। Read more…


16th September 2026

(1) प्रश्नः-बाप समान नॉलेजफुल बनने वाले बच्चों के जीवन की मुख्य धारणा सुनाओ? उत्तर:-वह सदैव मुस्कराते रहते, कभी भी किसी बात में उन्हें रोना नहीं आ सकता। कुछ भी होता है नथिंग न्यु। ऐसे जो अभी नॉलेजफुल अर्थात् रोना प्रूफ Read more…


14th September 2026

(1) दुनिया में एक भी मनुष्य मात्र नहीं जिसको आत्मा का ज्ञान हो। आत्मा का ही ज्ञान नहीं है तो परमपिता परमात्मा का ज्ञान कैसे हो सकता है। Not a single human being in the world has this knowledge of Read more…


12th September 2026

(1) ओम् शान्ति का अर्थ तो रूहानी बाप ने समझाया है। ओम् माना अहम् आत्मा हूँ और मेरा शरीर है। आत्मा तो देखने में नहीं आती है। यह समझ में आता है – मैं आत्मा हूँ, यह मेरा शरीर है। Read more…


7th September 2026

(1) अब बाप अच्छी रीति समझाते हैं कि यह ब्रह्मा भी नम्बरवन भगत था। पिछाड़ी में नारायण की पूजा करते थे। श्रीकृष्ण की भक्ति की वा श्रीनारायण की भक्ति की, एक ही बात है। कृष्ण ही बड़ा होकर नारायण बनता Read more…


4th September 2026

(1) “मीठे बच्चे – इस बेहद के ड्रामा में हीरो हीरोइन का पार्ट तुम्हारा है, बाप का नहीं, बाप के पास सिर्फ पतितों को पावन बनाने का हुनर है” “Sweet children, you, and not the Father, have the parts of Read more…


29th August 2026

Other Topic(s): Causes of Misery; (1) यहाँ साधारण रहना है। न बहुत ऊंच, न बहुत नीच। सब बातों में सहनशीलता चाहिए। निंदा-स्तुति, जय-पराजय, सर्दी-गर्मी, यह सब कुछ सहन करना पड़ता है। समय ही ऐसा है। पानी नहीं मिलेगा, यह नहीं Read more…


28th August 2026

(1) जैसे आत्मा गुप्त है और शरीर प्रत्यक्ष है, आत्मा इन आंखों से देखने में नहीं आती है, इनकागनीटो है। है जरूर परन्तु इस शरीर से ढकी हुई है, इसलिए कहा जाता है आत्मा गुप्त है। आत्मा खुद कहती है Read more…


20th August 2026

(1) अभी तुम बच्चे समझते हो – रूहानी बाप हम बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अपने को आत्मा समझना चाहिए। अहम् आत्मा यह शरीर लेती हैं। अहम् आत्मा ने 84 जन्म लिए हैं। जैसे-जैसे कर्म करते हैं वैसे शरीर मिलता Read more…


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