Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Month: May 2026

31st May 2026

“कोई आपसे पूछे परमात्मा कहाँ है? तो क्या जवाब देंगे? मेरे साथ है। मेरे साथ ही रहते हैं। मेरे दिल में ही रहते हैं।” “When someone asks you where God is, what reply would you give him? “He is with Read more…


30th May 2026

“अभी सबकी कयामत का समय है। बाप ही आकर सबको उठायेंगे। कयामत के समय ही खुदा, भगवान आते हैं। वही ज्ञान का सागर है। लिखा हुआ है – सागर के बच्चे भस्मीभूत हो गये थे अर्थात् काम चिता पर बैठ Read more…


29th May 2026

“जो चीज़ होकर गई है वह फिर से जरूर होनी है।” “Anything that existed in the past definitely has to exist again.” “श्रीमत है ही बापदादा की मत।” “Shrimat are directions from BapDada.” “शिव निराकार, शंकर आकारी है। श्रीकृष्ण तो Read more…


28th May 2026

“तुम तो कहते हो शिवबाबा। ब्रह्मा, विष्णु, शंकर को बाबा नहीं कहेंगे। वह तो देवता है। भगवान को ही बाबा कहेंगे, वह है निराकार, जिसकी पूजा करते हैं। जानते हैं शिवबाबा सभी का है। परन्तु यह ख्याल नहीं आता कि Read more…


27th May 2026

Other Topic(s): Birth Cycle; “कलियुग अन्त तक भक्ति मार्ग चलता है, इसमें ज्ञान होता नहीं। ज्ञान से होती है सद्गति। सर्व का सद्गति दाता बाप जब तक न आये तब तक सद्गति हो न सके। बाप कहते हैं – मैं Read more…


26th May 2026

“ऐसे भी नहीं बहुत समय से आने वालों से नये तीखे नहीं जा सकते हैं। यह भी खूबी है। 3 मास के नये बच्चे भी बहुत तीखे हो सकते हैं। कहते हैं, बाबा इस आत्मा की बुद्धि बहुत तीखी है। Read more…


25th May 2026

“यह है तुम्हारी रूहानी सेना। उस सेना में तो हमेशा जवान ही भरती होते हैं। इस सेना में जवान 14-15 वर्ष के भी हैं तो 90 वर्ष के बूढ़े भी हैं, तो छोटे बच्चे भी हैं। यह सेना है माया Read more…


24th May 2026

Other Topic(s): Meaning of Holi; Anger Original Date: 28th February 2010 “अभी होली में पहले जलाते हैं फिर मनाते हैं। आप भी संगम पर अभी अपने पुराने संस्कार स्वभाव को योग अग्नि में जलाते हो क्योंकि अपने पुराने संस्कार को Read more…


23rd May 2026

“भक्तों को रावण का बहुत दु:ख है। रावण सम्प्रदाय पीड़ित है – दु:खों से। तो भोलानाथ को याद करते हैं। वह है रावण सम्पद्राय, यह है राम सम्प्रदाय। भक्तों को यह पता ही नहीं है कि हमारा रक्षक कौन है? Read more…


22nd May 2026

“ओम् शान्ति का अर्थ भी घड़ी–घड़ी बताना पड़े क्योंकि ओम् शान्ति का अर्थ कोई भी नहीं जानते। जैसे घड़ी–घड़ी बोलना पड़ता है – मनमनाभव अर्थात् बेहद के बाप को याद करो। ओम् का अर्थ कह देते हैं ओम् माना भगवान। Read more…


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