Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, Uncategorized, आत्मा | Soul, उतरती कला और चढ़ती कला | Ascension and Descension, तीन वतन | Three Realms
(1) बाप समझाते हैं मनमनाभव, इसमें कहने की भी दरकार नहीं। सिर्फ समझाया जाता है कि अपने को आत्मा समझो। देही-अभिमानी भव। भव का अर्थ ही है कि तुम बाप को याद करो तो एवरहेल्दी बन जायेंगे। The Father says: Read more…