“The best neuroscience over the past century clearly points to the existence of a Soul and to the existence of the aspects of our mind that don’t come from the brain.” Author and Presenter: Prof. Michael Egnor Host: Jan Jekielek Read more…
Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, देह-अभिमानी और देही-अभिमानी | Body Consciousness and Soul Consciousness, माया | Maya, मुरली | Murli
“चेक करना कि तख्त को छोड़ कभी मिट्टी में पांव तो नहीं रखते! 63 जन्म के संस्कार अनुसार देहभान रूपी मिट्टी में पांव रखा। एक है देहभान और दूसरा है देह–अभिमान। देह–अभिमान की मिट्टी गहरी है लेकिन देहभान यह भी Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, ड्रामा | Drama, श्रीमत | Shrimat
“जिन्होंने 84 जन्म लिए हैं वही यह नॉलेज सुनेंगे वा जो सतयुग–त्रेता में आने वाले हैं वही आकर ब्राह्मण बनेंगे, नम्बरवार पुरुषार्थ अनुसार। बाप ने समझाया है अभी तुम ब्राह्मण वर्ण में हो फिर वही देवता वर्ण में आयेंगे।” “Only Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, ओम् शान्ति | Om Shanti, ड्रामा | Drama, तीन वतन | Three Realms, शिव बाबा | Shiv Baba, हिस्ट्री-जॉग्राफी | History and Geography
“ओम् शान्ति। यह किसने कहा? दो बार कहते हैं ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। एक शिवबाबा ने कहा, एक ब्रह्मा बाबा ने। यह बापदादा इकट्ठे हैं। तो दोनों को बोलना पड़े ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। अब पहले किसने कहा? बाद में Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, जन्मों का चक्र | Birth Cycle, शिव बाबा | Shiv Baba
“हम आत्मा को दो बाप हैं। एक साकार, एक है निराकार। वह परमपिता है, यह समझानी और कोई दे न सके। बाप के सिवाए और कोई यह पूछ न सके। बाप ही पूछते हैं तुम जो कहते हो परमपिता परमात्मा, Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, ब्रह्मा बाबा | Brahma Baba, मुरली | Murli, शिव बाबा | Shiv Baba
“तुम हो सच्चे–सच्चे रूहानी सैलवेशन आर्मी। सुप्रीम रूह (बाप) डायरेक्शन दे रहे हैं, हूबहू ड्रामा प्लैन अनुसार कल्प पहले मुआफिक। कल्प–कल्प जो डायरेक्शन देते होंगे वही देते हैं। रात–दिन गुह्य सुनाते रहते हैं। नया कोई यह समझ न सके। भल Read more…
“बाबा कहते हैं मेरा बन और सबसे ममत्व मिटा दो। बाकी ऐसे नहीं कि यहाँ आकर बैठ जाना है। तुमको अपना धन्धाधोरी करना है। घर सम्भालना है। बच्चे को कर्जा उतारना है, मात–पिता का। उनकी सेवा कर उजूरा देना है। Read more…
“भगवानुवाच – मैं तुमको राजयोग सिखाता हूँ, श्रीमत भगवत गीता है मुख्य। श्री अर्थात् श्रेष्ठ मत। अब तुमको बुद्धिवान बनाया जाता है। दिव्य चक्षु अर्थात् ज्ञान का तीसरा नेत्र दिखाते हैं। वास्तव में ज्ञान का तीसरा नेत्र तुम ब्राह्मणों को Read more…
Advanced, Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, कल्प वृक्ष | Kalpa Tree, पुरुषार्थ | Effort, सेवा | Service
“आज बापदादा अपने चारों ओर के पूर्वज और पूज्य आत्माओं को देख रहे हैं। पूर्वज आत्मायें अपने को समझते हो ना। पूज्य आत्माओं का निवास कहाँ है? अपने झाड़ को सामने लाओ, उसमें देखो आपका स्थान कहाँ है? जानते हो Read more…
“बाप समझाते हैं कि तुम जन्म–जन्मान्तर एक–दो को दु:ख देते आये हो, इसलिए तुम आदि–मध्य–अन्त दु:ख पाते हो। एक–दो को पतित बनाते हो। पुकारते भी हैं कि हम पतित हैं, परन्तु बुद्धि में पूरा बैठता नहीं है। कहते भी हैं Read more…