“अभी समय अनुसार जानते हो कि आप पूर्वजों के भक्त लोग दु:खी और अशान्त होने के कारण, आप पूर्वज आत्माओं को कितना पुकार रहे हैं। आवाज सुनने आता है, कैसे दु:ख अशान्ति से पुकार रहे हैं? हमें शान्ति दे दो, Read more…
“आप सभी सवेरे से उठते तो बेफिक्र स्थिति में स्थित होते हो, खाते पीते, कर्म करते कोई फिक्र नहीं। सोते हैं तो भी बेफिक्र, ऐसे बादशाह और बेफिक्र, उठो सोओ, बेफिक्र, ऐसे अनुभव करते हो? क्योंकि आप सबने बाप को Read more…
“तो अपने 5 रूपों को जानते हो ना! पहला सभी का ज्योति बिन्दु रूप, आ गया आपके सामने! कितना चमकता हुआ प्यारा रूप है। दूसरा देवता रूप, वह रूप भी कितना प्यारा और न्यारा है। तीसरा रूप मध्य में पूज्यनीय Read more…
“जैसे लक्ष्य हिम्मत का रखा है वैसे लक्षण भी हिम्मत का रखेंगे तो कोई बड़ी बात नहीं है। जब लक्ष्य ही है बाप समान बनने का तो अभी लक्ष्य और लक्षण एक करना है। फालो ब्रह्मा बाप। जो भी संकल्प, Read more…
Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, देह-अभिमानी और देही-अभिमानी | Body Consciousness and Soul Consciousness, माया | Maya, मुरली | Murli
“चेक करना कि तख्त को छोड़ कभी मिट्टी में पांव तो नहीं रखते! 63 जन्म के संस्कार अनुसार देहभान रूपी मिट्टी में पांव रखा। एक है देहभान और दूसरा है देह–अभिमान। देह–अभिमान की मिट्टी गहरी है लेकिन देहभान यह भी Read more…
Advanced, Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, कल्प वृक्ष | Kalpa Tree, पुरुषार्थ | Effort, सेवा | Service
“आज बापदादा अपने चारों ओर के पूर्वज और पूज्य आत्माओं को देख रहे हैं। पूर्वज आत्मायें अपने को समझते हो ना। पूज्य आत्माओं का निवास कहाँ है? अपने झाड़ को सामने लाओ, उसमें देखो आपका स्थान कहाँ है? जानते हो Read more…
“कोई आपसे पूछे परमात्मा कहाँ है? तो क्या जवाब देंगे? मेरे साथ है। मेरे साथ ही रहते हैं। मेरे दिल में ही रहते हैं।” “When someone asks you where God is, what reply would you give him? “He is with Read more…
1-Second Drill Exercise, Advanced, Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, पुरुषार्थ | Effort
Other Topic(s): Meaning of Holi; Anger Original Date: 28th February 2010 “अभी होली में पहले जलाते हैं फिर मनाते हैं। आप भी संगम पर अभी अपने पुराने संस्कार स्वभाव को योग अग्नि में जलाते हो क्योंकि अपने पुराने संस्कार को Read more…
“पवित्रता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है इसलिए पवित्रता सिर्फ ब्रह्मचर्य नहीं लेकिन मन–वाणी–कर्म, सम्बन्ध–सम्पर्क में भी पवित्रता। पवित्रता के संस्कार सहज धारण करने वाले हो। तो पवित्रता का तो संकल्प किया है लेकिन अभी समय अनुसार बापदादा समय की वार्निंग Read more…
Advanced, Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, ज्ञान | Knowledge, पुरुषार्थ | Effort, योग | Yoga
“आप सभी बच्चों का सर्व आत्माओं के प्रति चैलेन्ज है कि हम योगी जीवन वाले हैं। सिर्फ योग लगाने वाले नहीं लेकिन योगी जीवन वाले हैं। जीवन दो चार घण्टे की नहीं होती। जीवन सदाकाल के लिए होती है। तो Read more…