Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

9th July 2026

“मनुष्य सृष्टि का बीजरूप इसलिए वृक्षपति कहते हैं। बीज ठहरा, तो पति भी ठहरा। वृक्ष के बीज को बाप भी कहेंगे। उनसे वृक्ष उत्पन्न होता है। यह है मनुष्य सृष्टि रूपी झाड़। इनका बीज ऊपर में है। तुम जानते हो Read more…


8th July 2026

“किसकी याद है? परमपिता परमात्मा शिवबाबा की। उनकी याद में रहने से हमारे जो भी विकर्म हैं, वह भस्म हो जायेंगे और विकर्माजीत बन जायेंगे, जितना जो याद की ड्रिल में रहेंगे। यह आत्मा की ड्रिल है, शरीर की नहीं।” Read more…


7th July 2026

“अपने को रूह आत्मा समझो, हमको बाबा मिला है, जिसको आधाकल्प याद करते थे। यह कभी भूलो मत। आधाकल्प आत्मा इस शरीर द्वारा याद करती आई है – हे पतित–पावन, हे दु:ख हर्ता सुख कर्ता क्योंकि रावण राज्य है ना। Read more…


6th July 2026

“हम आत्मा शान्त स्वरूप हैं, दुनिया को पता ही नहीं। हम अपने स्वरूप में टिक जाते हैं, हमारा स्वधर्म है शान्त। हमारी आत्मा शान्त स्वरूप है। उनको यह पता ही नहीं इसलिए शान्ति माँगते हैं। आत्मा कहती है – शान्ति Read more…


5th June 2026

“आप सभी सवेरे से उठते तो बेफिक्र स्थिति में स्थित होते हो, खाते पीते, कर्म करते कोई फिक्र नहीं। सोते हैं तो भी बेफिक्र, ऐसे बादशाह और बेफिक्र, उठो सोओ, बेफिक्र, ऐसे अनुभव करते हो? क्योंकि आप सबने बाप को Read more…


4th July 2026

“तुम बच्चे अब समझते हो बाप सद्गति के लिए आकर ज्ञान–योग सिखलाते हैं। सिखलाने वाला तो जरूर चाहिए ना। शरीर तो नहीं सिखलायेगा। आत्मा ही सब कुछ करती है। आत्मा में ही अच्छे बुरे संस्कार रहते हैं। इस समय रावण Read more…


3rd July 2026

“बाप आकर तुम बच्चों को तसल्ली देते हैं कि अब थोड़ा धीरज धरो। तुम पापों के बोझ से बहुत भारी हो पड़े हो। अब तुमको पुण्य आत्मा बनाए ऐसी दुनिया में ले जाते हैं, जिसको स्वर्ग कहा जाता है। वहाँ Read more…


2nd July 2026

“पतित कैसे बनते हैं, यह भी बाप ने समझाया है। द्वापर से जब काम चिता पर बैठे हैं तो काले बन जाते हैं। काम अग्नि में सब भस्म हो गये हैं।” “The Father has explained how they became impure. When Read more…


1st July 2026

“अब यह तो बच्चे जानते हैं कि आत्माओं का बाप शिवबाबा है। यह भी तुम जानते हो कि मैं पतित–पावन हूँ, मैं निराकार हूँ। तुम भी निराकार हो, शान्त स्वरूप हो। निराकार बाप भी शान्त स्वरूप है, आत्मा भी शान्त Read more…


30th June 2026

“बच्चे सब सम्मुख बैठे हैं तो जानते हैं हम जीव आत्मायें हैं। यहाँ तो जीव आत्मायें होंगी ना। जब आत्मा को शरीर नहीं है तो नंगी है, उसको अशरीरी कहा जाता है। तुम तो शरीर के साथ बैठे हो। आत्मा Read more…


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