Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

11th April 2026

Topic(s): Advanced; Mind; Service; Knowledge; Shrimat; Patience “हर एक पुरुषार्थी बच्चे को पहले अन्तर्मुख अवस्था अवश्य धारण करनी है। अन्तर्मुखता में बड़ा ही कल्याण समाया हुआ है, इस अवस्था से ही अचल, स्थिर, धैर्यवत, निर्मान–चित्त इत्यादि दैवी गुणों की धारणा Read more…


10th April 2026

“ज्ञान और अज्ञान दो चीजें होती हैं। ज्ञान को कहा जाता है दिन, अज्ञान को रात। घोर सोझरा और घोर अन्धियारा कहा जाता है। सोझरा माना राइज़, अन्धियारा माना फाल।” “There are the two things: knowledge and ignorance. Knowledge is Read more…


9th April 2026

“बाबा अक्षर कहने से लव आ जाता है क्योंकि बाप से वर्सा लिया जाता है। सिर्फ ईश्वर वा प्रभु कहने से बाप के वर्से की रसना नहीं आती। बाबा कहने से वर्सा याद आ जाता है।” “When you say: Baba, Read more…


8th April 2026

“बाप भी अशरीरी है, तुम आत्मा भी अशरीरी हो। बाप आत्माओं को ही देखते हैं, सब अकालतख्त पर विराजमान आत्मायें हैं। तुम भी आत्मा भाई–भाई की दृष्टि से देखो, इसमें बड़ी मेहनत है। देह के भान में आने से ही Read more…


7th April 2026

“ओम् शान्ति। बाप ने बच्चों को समझाया है – तुम भी कहते हो ओम् शान्ति। बाप भी कहते हैं ओम् शान्ति अर्थात् तुम आत्मायें शान्त स्वरूप हो। बाप भी शान्त स्वरूप है, आत्मा का स्वधर्म शान्त है। परमात्मा का भी Read more…


6th April 2026

“तुम बच्चों की बुद्धि में अब सारा ज्ञान है। बच्चे जानते हैं हम सृष्टि के आदि–मध्य–अन्त को जानते हैं। बाकी अन्त का थोड़ा टुकड़ा है, जिसको भी जान जायेंगे। बाबा पहले से ही सब कैसे बता दे, बाप कहते हैं Read more…


5th April 2026

“आप हर एक बच्चा तीन तख्त के मालिक हो? एक स्वराज्य का तख्त, दूसरा है बापदादा के दिल का तख्त और तीसरा है भविष्य का तख्त। तीनों तख्त के अधिकारी हो। अपने भविष्य तख्त का भी यहाँ ही अभ्यास कर Read more…


4th April 2026

“बाप भी रमणीक है तो बाप के बनाये हुए देवी देवतायें भी रमणीक हैं। उनमें कशिश है पवित्रता की। वह कशिश उन्हों की अभी तक भी चल रही है। तो जितनी इनमें कशिश है उतनी तुम्हारे में भी कशिश होनी Read more…


3rd April 2026

“बच्चे जब पैदा होते हैं तो अपने साथ कर्मों अनुसार तकदीर ले आते हैं। कोई साहूकार पास, कोई गरीब के पास जन्म लेते हैं। बाप भी समझते हैं कि वारिस आया है। जैसे–जैसे दान पुण्य किया है, उस अनुसार जन्म Read more…


2nd April 2026

“सारी दुनिया में सबके पास हद की चीज़ें हैं। यह एक ही बाप है जिसके पास बेहद की चीज़ें हैं इसलिए उनकी महिमा भी गाते हैं कि पतित–पावन है, लिबरेटर है, ज्ञान का सागर, आनन्द का सागर है। यह सब Read more…


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