(1) बापदादा यही चाहते हैं कि हर बच्चा स्वराज्य अधिकारी राजा बनें। स्व के ऊपर अर्थात् कर्मेन्द्रियों के ऊपर, मन-बुद्धि-संस्कार के ऊपर राजा बन राज्य करे। भविष्य में तो राज्य अधिकारी बनेंगे लेकिन अभी स्वराज्य अधिकारी राजा बनें। कोई भी Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, तीन वतन | Three Realms, माया | Maya, श्रीमत | Shrimat
(1) त्रिमूर्ति भी बड़ा क्लीयर है। ऊपर में शिव भी है। ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी है, सूक्ष्मवतन वासी फिर ऊंच ते ऊंच है भगवान। बच्चे भी समझते हैं जहाँ बाप रहते हैं वह है हम आत्माओं के रहने का स्थान, Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, जन्मों का चक्र | Birth Cycle, ज्ञान | Knowledge, पुरुषार्थ | Effort, माया | Maya
प्रश्नः-अशरीरी बनने का अभ्यास जो सदा करते रहते, उनकी मुख्य निशानी सुनाओ?उत्तर:-वे हठ से अपनी कर्मेन्द्रियों को वश नहीं करते। लेकिन उनकी कर्मेन्द्रियाँ स्वत: शीतल हो जाती हैं। हम आत्मा भाई-भाई हैं, यह स्मृति स्वत: रहती है। देह-अभिमान छूटता जाता Read more…
Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, देह-अभिमानी और देही-अभिमानी | Body Consciousness and Soul Consciousness, माया | Maya, मुरली | Murli
“चेक करना कि तख्त को छोड़ कभी मिट्टी में पांव तो नहीं रखते! 63 जन्म के संस्कार अनुसार देहभान रूपी मिट्टी में पांव रखा। एक है देहभान और दूसरा है देह–अभिमान। देह–अभिमान की मिट्टी गहरी है लेकिन देहभान यह भी Read more…
“बाबा कहते हैं मेरा बन और सबसे ममत्व मिटा दो। बाकी ऐसे नहीं कि यहाँ आकर बैठ जाना है। तुमको अपना धन्धाधोरी करना है। घर सम्भालना है। बच्चे को कर्जा उतारना है, मात–पिता का। उनकी सेवा कर उजूरा देना है। Read more…
“यह आत्मा समझती है कि शिवबाबा कहते हैं – मैं टैप्रेरी जीव आत्मा बनता हूँ। तुम स्थाई जीव आत्मा हो। मैं सिर्फ संगम पर ही टैप्रेरी जीव आत्मा हूँ। सो भी तुम्हारे मुआफिक नहीं बनता। मैं इस जीव में प्रवेश Read more…
“बाप कहते हैं पहले–पहले तुम बच्चों को पतित शूद्र से ब्राह्मण बनाता हूँ। पावन बनते–बनते फिर 21 जन्मों के लिए तुम दैवी सम्प्रदाय बन जायेंगे। दैवी गोद में जायेंगे। आगे थे आसुरी गोद में। आसुरी गोद से फिर तुम ईश्वरीय Read more…
“यह है तुम्हारी रूहानी सेना। उस सेना में तो हमेशा जवान ही भरती होते हैं। इस सेना में जवान 14-15 वर्ष के भी हैं तो 90 वर्ष के बूढ़े भी हैं, तो छोटे बच्चे भी हैं। यह सेना है माया Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, उतरती कला और चढ़ती कला | Ascension and Descension, ज्ञान | Knowledge, माया | Maya
“यह जो इस जगत के मम्मा–बाबा हैं, यह जो तुम्हारा नाता है, देह के साथ है क्योंकि देह से पहले–पहले माता की फिर पिता की लागत होती है फिर भाई–बन्धु आदि की होती है। तो बेहद के बाप का कहना Read more…
“इस समय यह रावण राज्य होने कारण मनुष्य सब हैं देह–अभिमानी इसलिए उन्हों को जंगल का कांटा कहा जाता है। यह कौन समझाते हैं? बेहद का बाप। जो अब कांटों को फूल बना रहे हैं। कहाँ–कहाँ माया ऐसी है जो Read more…