30th October 2026
(1) माया दुश्मन श्रीमत पर चलने से रोक लेती है इसलिए बच्चे बीच-बीच में अपनी मत चला देते हैं। फिर कहते बाबा माया के तूफान आते हैं, आपकी याद भूल जाती है। बाबा कहते बच्चे – रावण माया से डरो…
Read article →1-Second Drill Exercise
(1) माया दुश्मन श्रीमत पर चलने से रोक लेती है इसलिए बच्चे बीच-बीच में अपनी मत चला देते हैं। फिर कहते बाबा माया के तूफान आते हैं, आपकी याद भूल जाती है। बाबा कहते बच्चे – रावण माया से डरो…
Read article →Original Murli Date: 19 February 2012 (1) घर का गेट खोलने के लिए बेहद की वैराग्य वृत्ति द्वारा देह-अभिमान के मैं का त्याग करो, बर्थ डे पर दृढ़ता द्वारा कहना और करना एक कर सफलतामूर्त बनो In order to open…
Read article →Original Murli Date: 2 February 2012 Other Topic(s): The Four Eternal Forms; (1) यह संसार है छोटा लेकिन अति प्यारा है क्योंकि इस संसार की एक-एक आत्मा श्रेष्ठ आत्मा है। कोटों में कोई आत्मायें हैं। बाप के वर्से के अधिकारी…
Read article →अभी-अभी 5 मिनट के लिए एक ड्रिल बापदादा सबको करा रहे हैं। अपने मन्सा शक्ति से सृष्टि में जो भी आपके भक्त वा अनेक दु:खी अशान्त आत्मायें आपको याद कर रही हैं, हे हमारे पूर्वज हमें थोड़े समय के लिए…
Read article →“अभी समय अनुसार जानते हो कि आप पूर्वजों के भक्त लोग दु:खी और अशान्त होने के कारण, आप पूर्वज आत्माओं को कितना पुकार रहे हैं। आवाज सुनने आता है, कैसे दु:ख अशान्ति से पुकार रहे हैं? हमें शान्ति दे दो,…
Read article →“तो अपने 5 रूपों को जानते हो ना! पहला सभी का ज्योति बिन्दु रूप, आ गया आपके सामने! कितना चमकता हुआ प्यारा रूप है। दूसरा देवता रूप, वह रूप भी कितना प्यारा और न्यारा है। तीसरा रूप मध्य में पूज्यनीय…
Read article →Other Topic(s): Meaning of Holi; Anger Original Date: 28th February 2010 “अभी होली में पहले जलाते हैं फिर मनाते हैं। आप भी संगम पर अभी अपने पुराने संस्कार स्वभाव को योग अग्नि में जलाते हो क्योंकि अपने पुराने संस्कार को…
Read article →Topic: Soul Conscious; Shiv Baba; Sato-Rajo-Tamo “बाप समझाते हैं, रावण राज्य होने से तुम देह–अभिमानी बने, तो तुम्हारा यह हाल होने लगा। सीढ़ी भी दिखाई है – कैसे डाउन फाल हुआ, वर्थ नाट ए पेनी का भी मुख्य कारण…
Read article →Title: ज्ञान | Knowledge “बापदादा ने रिजल्ट में चेक किया तो क्या देखा? ज्ञानी, योगी, धारणा स्वरुप, सेवाधारी, चार ही सब्जेक्ट में हर एक यथाशक्ति ज्ञानी भी है, योगी भी है, धारणा भी कर रहा है, सेवा भी कर…
Read article →Title: सन्तुष्टता | Contentment “सन्तुष्टता सदा सर्व प्राप्ति सम्पन्न है क्योंकि जहाँ सन्तुष्टता है वहाँ अप्राप्त कोई वस्तु नहीं। सन्तुष्ट आत्मा में सन्तुष्टता का नेचुरल नेचर है। सन्तुष्टता की शक्ति स्वत: और सहज चारों ओर वायुमण्डल फैलाती है। उनका…
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