30th October 2026
(1) माया दुश्मन श्रीमत पर चलने से रोक लेती है इसलिए बच्चे बीच-बीच में अपनी मत चला देते हैं। फिर कहते बाबा माया के तूफान आते हैं, आपकी याद भूल जाती है। बाबा कहते बच्चे – रावण माया से डरो…
Read article →श्रीमत, Shrimat
(1) माया दुश्मन श्रीमत पर चलने से रोक लेती है इसलिए बच्चे बीच-बीच में अपनी मत चला देते हैं। फिर कहते बाबा माया के तूफान आते हैं, आपकी याद भूल जाती है। बाबा कहते बच्चे – रावण माया से डरो…
Read article →(1) प्रश्नः-रूहानी गवर्मेन्ट ने सारी दुनिया के लिए यह फ्री स्कूल खोला है – क्यों? उत्तर:-क्योंकि सभी आरफन, निधनके बन गये हैं। बाप ऐसे गरीब बच्चों से फीस क्या लेंगे। इस अन्तिम जन्म में बाप ऐसी पढ़ाई पढ़ाते हैं जिससे…
Read article →Other Topic(s): Life of Brahma Baba (1) प्रश्नः-ब्रह्मा बाबा के सामने अनेक हंगामें होते भी कभी रंज नहीं हुए – क्यों? उत्तर:-क्योंकि बाबा को नशा था कि हमें बाप से वर्सा लेना है। यह तो सब कल्प पहले मुआफिक हो…
Read article →Original Murli Date: 30 November 2011 Other Topic(s): Three Fortunes; Three Relationships with Baba; (1) आज बापदादा चारों ओर के बच्चों के मस्तक में भाग्य के चमकते हुए सितारे देख रहे हैं। एक जन्म का, दूसरा सम्बन्ध का और तीसरा…
Read article →(1) ओम् शान्ति का अर्थ तो रूहानी बाप ने समझाया है। ओम् माना अहम् आत्मा हूँ और मेरा शरीर है। आत्मा तो देखने में नहीं आती है। यह समझ में आता है – मैं आत्मा हूँ, यह मेरा शरीर है।…
Read article →(1) बच्चों को पढ़ाई का बहुत नशा रहना चाहिए। यह बड़ी ऊंच पढ़ाई है। परन्तु माया भी बड़ी अगेन्स्ट है। तुम जानते हो हम वह पढ़ाई पढ़ते हैं, जिससे हमारे सिर पर डबल ताज होना है। भविष्य जन्म-जन्मान्तर डबल ताजधारी…
Read article →(1) त्रिमूर्ति भी बड़ा क्लीयर है। ऊपर में शिव भी है। ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी है, सूक्ष्मवतन वासी फिर ऊंच ते ऊंच है भगवान। बच्चे भी समझते हैं जहाँ बाप रहते हैं वह है हम आत्माओं के रहने का स्थान,…
Read article →(1) बाप तो सिर्फ तुम बच्चों को ही देखते हैं, उनको तो किसी को याद नहीं करना है। इनकी आत्मा को तो बाप को याद करना है। बाप कहते हैं हम दोनों तुम बच्चों को ही देखते हैं। मुझ आत्मा…
Read article →“मीठे बच्चे – तुम्हें अपना चिंतन करना है, दूसरे का नहीं क्योंकि ड्रामा अनुसार जो करेगा वह पायेगा” “Sweet children, each of you now has to think about yourself and not others, because, according to this drama, whoever does anything…
Read article →“डबल ओम् शान्ति। एक शिवबाबा कहते हैं, एक ब्रह्मा दादा कहते हैं। दोनों का स्वधर्म है शान्त। दोनों ही शान्तिधाम में रहने वाले हैं। तुम बच्चे भी शान्तिधाम में रहने वाले हो। निराकार देश में रहने वाले आये हो साकारी…
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