“मीठे बच्चे – तुम्हें अपना चिंतन करना है, दूसरे का नहीं क्योंकि ड्रामा अनुसार जो करेगा वह पायेगा” “Sweet children, each of you now has to think about yourself and not others, because, according to this drama, whoever does anything Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, उतरती कला और चढ़ती कला | Ascension and Descension, ओम् शान्ति | Om Shanti, श्रीमत | Shrimat
“डबल ओम् शान्ति। एक शिवबाबा कहते हैं, एक ब्रह्मा दादा कहते हैं। दोनों का स्वधर्म है शान्त। दोनों ही शान्तिधाम में रहने वाले हैं। तुम बच्चे भी शान्तिधाम में रहने वाले हो। निराकार देश में रहने वाले आये हो साकारी Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba, ब्रह्मा बाबा | Brahma Baba, श्रीमत | Shrimat
“अब यह तो बच्चे जानते हैं कि आत्माओं का बाप शिवबाबा है। यह भी तुम जानते हो कि मैं पतित–पावन हूँ, मैं निराकार हूँ। तुम भी निराकार हो, शान्त स्वरूप हो। निराकार बाप भी शान्त स्वरूप है, आत्मा भी शान्त Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, अमृतवेला | AmritVela, आत्मा | Soul, श्रीमत | Shrimat
“बच्चे सब सम्मुख बैठे हैं तो जानते हैं हम जीव आत्मायें हैं। यहाँ तो जीव आत्मायें होंगी ना। जब आत्मा को शरीर नहीं है तो नंगी है, उसको अशरीरी कहा जाता है। तुम तो शरीर के साथ बैठे हो। आत्मा Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, ड्रामा | Drama, श्रीमत | Shrimat
“जिन्होंने 84 जन्म लिए हैं वही यह नॉलेज सुनेंगे वा जो सतयुग–त्रेता में आने वाले हैं वही आकर ब्राह्मण बनेंगे, नम्बरवार पुरुषार्थ अनुसार। बाप ने समझाया है अभी तुम ब्राह्मण वर्ण में हो फिर वही देवता वर्ण में आयेंगे।” “Only Read more…
“बापदादा दोनों कहते हैं बच्चे, बाप को याद करो और कहाँ भी बुद्धि योग न जाये। बुद्धि बहुत भटकती है। भक्ति मार्ग में भी ऐसे होता है। श्रीकृष्ण के आगे वा किसी भी देवता के आगे बैठते हैं, माला फेरते Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, ज्ञान | Knowledge, ड्रामा | Drama, श्रीमत | Shrimat, सेवा | Service
Topic(s): Advanced; Mind; Service; Knowledge; Shrimat; Patience “हर एक पुरुषार्थी बच्चे को पहले अन्तर्मुख अवस्था अवश्य धारण करनी है। अन्तर्मुखता में बड़ा ही कल्याण समाया हुआ है, इस अवस्था से ही अचल, स्थिर, धैर्यवत, निर्मान–चित्त इत्यादि दैवी गुणों की धारणा Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba, श्रीमत | Shrimat
“बाप भी अशरीरी है, तुम आत्मा भी अशरीरी हो। बाप आत्माओं को ही देखते हैं, सब अकालतख्त पर विराजमान आत्मायें हैं। तुम भी आत्मा भाई–भाई की दृष्टि से देखो, इसमें बड़ी मेहनत है। देह के भान में आने से ही Read more…
“झाड़ वृद्धि को पाना ही है। यहाँ तो यह सारा कनेक्शन है। मीठे दैवी झाड़ का जो होगा वह निकल आयेगा।” “The tree has to grow. Here, all of this is connected. Those who belong to this sweet deity tree Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, ज्ञान | Knowledge, ड्रामा | Drama, पुरुषार्थ | Effort, याद | Remembrance, श्रीमत | Shrimat, सृष्टि चक्र | World Cycle
“पहले–पहले बच्चों को सावधानी मिलती है – बाप को याद करो और वर्से को याद करो। मनमनाभव। यह अक्षर भी व्यास ने लिखा है। संस्कृत में तो बाप ने समझाया नहीं है। बाप तो हिन्दी में ही समझाते हैं। बच्चों Read more…