Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

Browsing:

Tag: परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba

22nd July 2026

“प्रश्नः–तुम कर्मयोगी बच्चों को कौन सा अभ्यास निरन्तर करना चाहिए? उत्तर:-अभी–अभी शरीर निर्वाह अर्थ देह में आये और अभी–अभी देही–अभिमानी। देह की स्मृति बिगर कर्म तो हो नहीं सकता इसलिए अभ्यास करना है कि कर्म किया, देह–अभिमानी बनें फिर देही–अभिमानी Read more…


21st July 2026

“भोलानाथ अक्षर भक्ति मार्ग का है। ज्ञान मार्ग का अक्षर है शिवबाबा।” “The words: Innocent Lord belong to the path of devotion, whereas the words: Shiv Baba belong to the path of this knowledge.” “जिन्होंने पहले–पहले भक्ति शुरू की है Read more…


20th July 2026

“तुम इस पाठशाला में रोज़ यही पाठ पढ़ते हो कि हम शरीर नहीं आत्मा हैं। आत्म–अभिमानी बनने से ही तुम मनुष्य से देवता, नर से नारायण बन जाते हो। इस समय सब मनुष्य मात्र पुजारी अर्थात् पतित देह–अभिमानी हैं इसलिए Read more…


19th July 2026

Other Topic(s): Mind “जैसे और कर्मेन्द्रियों को मेरी कहते हो वैसे ही मन को भी मेरा कहते हो। मेरा कहना अर्थात् मालिक बनो। मन में जो संकल्प करने चाहो, जितना समय वह संकल्प करने चाहो वह बंधा हुआ है क्योंकि Read more…


17th July 2026

“यह भी जानते हो जिसको भगवान अथवा अल्लाह, परमात्मा कहते हैं उनके सामने अभी तुम बैठे हो। नाम तो जरूर चाहिए ना। अल्लाह कहते हैं तो भी लिंग की पूजा करते हैं। ईश्वर अथवा खुदा कहते हैं तो जरूर उनकी Read more…


15th July 2026

“ब्राह्मण बच्चे जानते हैं वह है बेहद का निराकार बाप और प्रजापिता ब्रह्मा है बेहद का साकार बाप। बेहद के साकार बाप प्रजापिता ब्रह्मा बिगर कोई होता नहीं।” “You Brahmin children know that He is the unlimited, incorporeal Father and Read more…


3rd July 2026

“बाप आकर तुम बच्चों को तसल्ली देते हैं कि अब थोड़ा धीरज धरो। तुम पापों के बोझ से बहुत भारी हो पड़े हो। अब तुमको पुण्य आत्मा बनाए ऐसी दुनिया में ले जाते हैं, जिसको स्वर्ग कहा जाता है। वहाँ Read more…


1st July 2026

“अब यह तो बच्चे जानते हैं कि आत्माओं का बाप शिवबाबा है। यह भी तुम जानते हो कि मैं पतित–पावन हूँ, मैं निराकार हूँ। तुम भी निराकार हो, शान्त स्वरूप हो। निराकार बाप भी शान्त स्वरूप है, आत्मा भी शान्त Read more…


24th June 2026

“आत्मा पर माया का जो बन्धन चढ़ा है, उसे उतारकर प्युअर बनाते हैं और कहते हैं कि मेरा काम है आत्माओं को सर्व बन्धनों से छुड़ा करके वापस ले जाना, तो सृष्टि के जो अनादि नियम और कायदे हैं उन्हें Read more…


22nd June 2026

“बाप कहते हैं, तुम सतोप्रधान थे। अब तमोप्रधान पतित बन गये हो। 84 जन्म पूरे लिए हैं। अब तुमको फिर सतोप्रधान बनना है। सतोप्रधान बनो तब ही तुम चल सकेंगे पवित्र दुनिया में। निराकारी दुनिया भी पवित्र है, साकारी दुनिया Read more…


×