Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Author: admin

28th May 2026

“तुम तो कहते हो शिवबाबा। ब्रह्मा, विष्णु, शंकर को बाबा नहीं कहेंगे। वह तो देवता है। भगवान को ही बाबा कहेंगे, वह है निराकार, जिसकी पूजा करते हैं। जानते हैं शिवबाबा सभी का है। परन्तु यह ख्याल नहीं आता कि Read more…


27th May 2026

Other Topic(s): Birth Cycle; “कलियुग अन्त तक भक्ति मार्ग चलता है, इसमें ज्ञान होता नहीं। ज्ञान से होती है सद्गति। सर्व का सद्गति दाता बाप जब तक न आये तब तक सद्गति हो न सके। बाप कहते हैं – मैं Read more…


26th May 2026

“ऐसे भी नहीं बहुत समय से आने वालों से नये तीखे नहीं जा सकते हैं। यह भी खूबी है। 3 मास के नये बच्चे भी बहुत तीखे हो सकते हैं। कहते हैं, बाबा इस आत्मा की बुद्धि बहुत तीखी है। Read more…


25th May 2026

“यह है तुम्हारी रूहानी सेना। उस सेना में तो हमेशा जवान ही भरती होते हैं। इस सेना में जवान 14-15 वर्ष के भी हैं तो 90 वर्ष के बूढ़े भी हैं, तो छोटे बच्चे भी हैं। यह सेना है माया Read more…


24th May 2026

Other Topic(s): Meaning of Holi; Anger Original Date: 28th February 2010 “अभी होली में पहले जलाते हैं फिर मनाते हैं। आप भी संगम पर अभी अपने पुराने संस्कार स्वभाव को योग अग्नि में जलाते हो क्योंकि अपने पुराने संस्कार को Read more…


23rd May 2026

“भक्तों को रावण का बहुत दु:ख है। रावण सम्प्रदाय पीड़ित है – दु:खों से। तो भोलानाथ को याद करते हैं। वह है रावण सम्पद्राय, यह है राम सम्प्रदाय। भक्तों को यह पता ही नहीं है कि हमारा रक्षक कौन है? Read more…


22nd May 2026

“ओम् शान्ति का अर्थ भी घड़ी–घड़ी बताना पड़े क्योंकि ओम् शान्ति का अर्थ कोई भी नहीं जानते। जैसे घड़ी–घड़ी बोलना पड़ता है – मनमनाभव अर्थात् बेहद के बाप को याद करो। ओम् का अर्थ कह देते हैं ओम् माना भगवान। Read more…


21st May 2026

“दुनिया में दु:ख के सिवाए और कुछ तो है नहीं। अभी तुम बुद्धिवान बने हो। बाप ने समझाया है ड्रामा के अन्दर नई दुनिया और पुरानी दुनिया, सुख और दु:ख का खेल बना हुआ है। बाप ने तुम्हारी बुद्धि का Read more…


20th May 2026

“रूहानी बच्चे अर्थात् जीव की आत्मा””You spiritual children, that is, you embodied souls” “अब तुम जानते हो – मुझ आत्मा ने 84 जन्म लिए हैं। संस्कार अच्छे वा बुरे आत्मा में रहते हैं। उन संस्कारों अनुसार शरीर भी ऐसा मिलता Read more…


19th May 2026

“मनमनाभव। यह संस्कृत अक्षर वास्तव में है नहीं। बाप ने जब सहज राजयोग सिखाया है तब यह संस्कृत अक्षर बोले नहीं हैं। यह तो संस्कृत जानते ही नहीं हैं। बाप तो हिन्दी में ही समझाते हैं। भल यह रथ हिन्दी, Read more…


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