“अभी सबकी कयामत का समय है। बाप ही आकर सबको उठायेंगे। कयामत के समय ही खुदा, भगवान आते हैं। वही ज्ञान का सागर है। लिखा हुआ है – सागर के बच्चे भस्मीभूत हो गये थे अर्थात् काम चिता पर बैठ Read more…
“जो चीज़ होकर गई है वह फिर से जरूर होनी है।” “Anything that existed in the past definitely has to exist again.” “श्रीमत है ही बापदादा की मत।” “Shrimat are directions from BapDada.” “शिव निराकार, शंकर आकारी है। श्रीकृष्ण तो Read more…
“तुम तो कहते हो शिवबाबा। ब्रह्मा, विष्णु, शंकर को बाबा नहीं कहेंगे। वह तो देवता है। भगवान को ही बाबा कहेंगे, वह है निराकार, जिसकी पूजा करते हैं। जानते हैं शिवबाबा सभी का है। परन्तु यह ख्याल नहीं आता कि Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, मातेश्वरी जी | Mateshwari ji, शिव बाबा | Shiv Baba
Other Topic(s): Birth Cycle; “कलियुग अन्त तक भक्ति मार्ग चलता है, इसमें ज्ञान होता नहीं। ज्ञान से होती है सद्गति। सर्व का सद्गति दाता बाप जब तक न आये तब तक सद्गति हो न सके। बाप कहते हैं – मैं Read more…
“ऐसे भी नहीं बहुत समय से आने वालों से नये तीखे नहीं जा सकते हैं। यह भी खूबी है। 3 मास के नये बच्चे भी बहुत तीखे हो सकते हैं। कहते हैं, बाबा इस आत्मा की बुद्धि बहुत तीखी है। Read more…
“यह है तुम्हारी रूहानी सेना। उस सेना में तो हमेशा जवान ही भरती होते हैं। इस सेना में जवान 14-15 वर्ष के भी हैं तो 90 वर्ष के बूढ़े भी हैं, तो छोटे बच्चे भी हैं। यह सेना है माया Read more…
“भक्तों को रावण का बहुत दु:ख है। रावण सम्प्रदाय पीड़ित है – दु:खों से। तो भोलानाथ को याद करते हैं। वह है रावण सम्पद्राय, यह है राम सम्प्रदाय। भक्तों को यह पता ही नहीं है कि हमारा रक्षक कौन है? Read more…
“ओम् शान्ति का अर्थ भी घड़ी–घड़ी बताना पड़े क्योंकि ओम् शान्ति का अर्थ कोई भी नहीं जानते। जैसे घड़ी–घड़ी बोलना पड़ता है – मनमनाभव अर्थात् बेहद के बाप को याद करो। ओम् का अर्थ कह देते हैं ओम् माना भगवान। Read more…
“दुनिया में दु:ख के सिवाए और कुछ तो है नहीं। अभी तुम बुद्धिवान बने हो। बाप ने समझाया है ड्रामा के अन्दर नई दुनिया और पुरानी दुनिया, सुख और दु:ख का खेल बना हुआ है। बाप ने तुम्हारी बुद्धि का Read more…
“रूहानी बच्चे अर्थात् जीव की आत्मा””You spiritual children, that is, you embodied souls” “अब तुम जानते हो – मुझ आत्मा ने 84 जन्म लिए हैं। संस्कार अच्छे वा बुरे आत्मा में रहते हैं। उन संस्कारों अनुसार शरीर भी ऐसा मिलता Read more…