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Tag: Sakar Vaani

Sakar Vaani

27th October 2026

(1) प्रश्नः-जो अपने को शिवबाबा के यज्ञ का सर्वेन्ट समझते हैं उनकी निशानी सुनाओ? उत्तर:-शिवबाबा इस ब्रह्मा मुख से जो कुछ बोलेंगे, उसे वह फौरन मान लेंगे। जो कहे – उसे मानना, इसको ही श्रीमत कहा जाता है। श्री-श्री शिवबाबा…

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26 October 2026

(1) मीठे बच्चे – कर्म करते स्वयं को आशिक समझ एक मुझ माशूक को याद करो, याद से ही तुम पावन बन पावन दुनिया में जायेंगे Sweet children, while doing everything, consider yourselves to be My lovers and remember Me,…

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24th October 2026

(1) जो भी सभी आत्मायें हैं उन सभी का बाप परमात्मा जरूर है। बाबा-बाबा कहने से वर्सा जरूर याद आता है। बाप को याद करने से ही विकर्म विनाश होंगे। बाप बच्चों को कहते हैं तुम्हारी आत्मा पतित बनी हुई…

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23rd October 2026

Other Topic(s): Land of Peace; Heaven; (1) मीठे बच्चे – ब्लड कनेक्शन में ही दु:ख है, तुम्हें उसका त्याग कर आपस में आत्मिक लव रखना है, यही सुख और आनंद का आधार है Sweet children, there is sorrow in blood…

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22nd October 2026

Other Topic(s): Life of Brahma Baba (1) प्रश्नः-ब्रह्मा बाबा के सामने अनेक हंगामें होते भी कभी रंज नहीं हुए – क्यों? उत्तर:-क्योंकि बाबा को नशा था कि हमें बाप से वर्सा लेना है। यह तो सब कल्प पहले मुआफिक हो…

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21st October 2026

(1) पाण्डवों की तरफ खुद परमपिता परमात्मा मददगार था। सभी को यही कहा कि गृहस्थ व्यवहार में रहते मुझे याद करने से तुम्हारे पाप बढ़ेंगे नहीं और पास्ट के विकर्म विनाश होंगे। The Supreme Father, the Supreme Soul, was the…

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20th October 2026

Other Topic(s): Advanced; Ramayan; Mahabharat; Gita;  (1) यह जो रामायण है, आज (दशहरे पर) जैसे इनका रामायण पूरा होने वाला है परन्तु पूरा होता नहीं। अगर रावण मरता है तो रामायण की कथा पूरी होनी चाहिए, परन्तु होती नहीं है।…

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19th October 2026

Other Topic(s): Difference between Supreme Soul and Soul (1) प्रश्नः-इस बेहद की पुरानी दुनिया से जिन्हें वैराग्य आ चुका है उनकी निशानी क्या होगी? उत्तर:-वह इन आंखों से जो कुछ देखते हैं – वह देखते हुए भी जैसे नहीं देखेंगे।…

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17th October 2026

(1) प्रश्नः-किस खेल को यथार्थ रीति जानने वाले बच्चे कभी मूँझ नहीं सकते हैं? उत्तर:-दु:ख और सुख, भक्ति और ज्ञान का जो खेल चलता है, इसको यथार्थ रीति जानने वाले कभी मूँझते नहीं। तुम जानते हो भगवान किसी को दु:ख…

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16th October 2026

Other Topic(s): Meaning of परम्-आत्मा (Supreme Soul) (1) अहम् आत्मा का स्वधर्म है शान्त। शान्तिधाम में जाने के लिए कोई पुरुषार्थ नहीं करना पड़ता है। आत्मा स्वयं शान्त स्वरूप, शान्तिधाम में रहने वाली है। यहाँ थोड़े समय के लिए शान्त…

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