Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Tag: Sakar Vaani

11th September 2026

(1) बच्चे जानते हैं हम 5 विकारों पर जीत पा रहे हैं। कहा जाता है माया जीते जगत जीत। माया 5 विकारों रूपी रावण को कहा जाता है। माया दुश्मन ठहरी। माया धन सम्पत्ति को नहीं कहा जाता। लिखना भी Read more…


10th September 2026

(1) वास्तव में यह अन्धियारा और सवेरा कल्प के इस पुरुषोत्तम संगमयुग पर होता है। अभी अज्ञान अन्धियारा दूर होता है। गाते भी हैं – ज्ञान सूर्य प्रगटा। वह सूर्य तो रोशनी देने वाला है। यह है ज्ञान सूर्य की Read more…


9th September 2026

(1) यह तो बच्चों को समझाया गया है कि निराकार, साकार बिगर कोई कर्म कर नहीं सकते। पार्ट बजा नहीं सकते। रूहानी बाप आकर ब्रह्मा द्वारा रूहानी बच्चों को समझाते हैं। योगबल से ही सतोप्रधान बनना है और विश्व का Read more…


8th September 2026

(1) बच्चों को पढ़ाई का बहुत नशा रहना चाहिए। यह बड़ी ऊंच पढ़ाई है। परन्तु माया भी बड़ी अगेन्स्ट है। तुम जानते हो हम वह पढ़ाई पढ़ते हैं, जिससे हमारे सिर पर डबल ताज होना है। भविष्य जन्म-जन्मान्तर डबल ताजधारी Read more…


7th September 2026

(1) अब बाप अच्छी रीति समझाते हैं कि यह ब्रह्मा भी नम्बरवन भगत था। पिछाड़ी में नारायण की पूजा करते थे। श्रीकृष्ण की भक्ति की वा श्रीनारायण की भक्ति की, एक ही बात है। कृष्ण ही बड़ा होकर नारायण बनता Read more…


5th September 2026

(1) बाप कहते हैं – मन्मनाभव, तुम कर्मयोगी हो। याद का चार्ट रखना चाहिए। तुम्हारी लड़ाई माया के साथ है। बहुत कड़ी लड़ाई है। तुम कोशिश करेंगे याद में रहने की, माया उड़ा देगी। ज्ञान में कोई अड़चन नहीं। आत्मा Read more…


4th September 2026

(1) “मीठे बच्चे – इस बेहद के ड्रामा में हीरो हीरोइन का पार्ट तुम्हारा है, बाप का नहीं, बाप के पास सिर्फ पतितों को पावन बनाने का हुनर है” “Sweet children, you, and not the Father, have the parts of Read more…


3rd September 2026

(1) रूहानी बच्चों ने गीत सुना अर्थात् रूहों ने इस शरीर की कान रूपी कर्मेन्द्रिय द्वारा गीत सुना – दूरदेश से मुसाफिर आया है। तुम सब मुसाफिर हो ना। जो सब मनुष्य मात्र आत्मायें हैं वह सभी मुसाफिर हैं। आत्माओं Read more…


2nd September 2026

(1) कोई भी अपने बड़ों की महिमा नहीं जानते हैं। धर्म स्थापक को गुरू कह देते हैं। वास्तव में उनको गुरू कहना रांग है। क्राइस्ट कोई गुरू थोड़ेही है। वो तो सिर्फ धर्म स्थापन करते हैं। गुरू उनको कहा जाता Read more…


1st September 2026

(1) निराकार शिव का बर्थ मनाया, वह निराकार है तो उसका फिर बर्थ कैसे मनाया जाता है? किसमें आया? आत्मा शरीर में जाती है तो कहा जाता है बर्थ (जन्म) हो गया। आत्मा तो आत्मा ही है। शरीर में प्रवेश Read more…


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