Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Tag: Sakar Vaani

23rd June 2026

“बाप शिक्षा देते हैं आत्माओं को। आत्मा को अभी अपने स्वधर्म का पता है कि हम आत्मा इस शरीर को चलाने वाली हैं। आत्मा का यह रथ है। जैसे बाप इस रथ पर आकर सवार हुए हैं, तुम्हारी आत्मा भी Read more…


22nd June 2026

“बाप कहते हैं, तुम सतोप्रधान थे। अब तमोप्रधान पतित बन गये हो। 84 जन्म पूरे लिए हैं। अब तुमको फिर सतोप्रधान बनना है। सतोप्रधान बनो तब ही तुम चल सकेंगे पवित्र दुनिया में। निराकारी दुनिया भी पवित्र है, साकारी दुनिया Read more…


20th June 2026

“तुम्हें भी एक तो निश्चय यह है कि हम आत्मा हैं और दूसरा यह भी निश्चय है कि हम आत्मायें अभी परमपिता परमात्मा से वर्सा ले रहे हैं। मन्सा–वाचा–कर्मणा, तन–मन–धन से हम शिवबाबा के मददगार बनते हैं। यह सब कुछ Read more…


19th June 2026

“बाप कहते हैं – अब निरन्तर यही याद करो। बाप परमधाम से हमको पढ़ाने, राजयोग सिखाने आये हुए हैं। महिमा सारी उस एक की है, इनकी महिमा कुछ नहीं है। इस समय सब तुच्छ बुद्धि हैं” “The Father says: Now Read more…


18th June 2026

“अभी देखो यह लौकिक बच्ची (निर्मल–शान्ता) बैठी है। यह लौकिक भी है, अलौकिक भी है, पारलौकिक भी है। बाकी शिवबाबा के तो भाई–बहिन है नहीं। न लौकिक, न अलौकिक, न पारलौकिक। कितना फ़र्क है। एक बाप का बनना मासी का Read more…


17th June 2026

“निराकार भगवानुवाच। शरीर से वाच करेंगे ना। शरीर अलग हो जाता तो आत्मा वाच नहीं कर सकती। आत्मा डिटैच हो जाती है। अब बाप कहते हैं – अशरीरी भव। ऐसे नहीं कि प्राणायाम आदि चढ़ाना है। नहीं, समझना है मैं Read more…


16th June 2026

 “पावन दुनिया है ही शान्तिधाम और सुखधाम। अब सुखधाम और दु:खधाम आधा–आधा है।” “The pure worlds are the land of peace and the land of happiness. There is the land of happiness and the land of sorrow, for each half Read more…


15th June 2026

“दूसरे कोई पाठशाला को यज्ञ नहीं कहा जाता। यज्ञ अलग रचे जाते हैं, जिसमें ब्राह्मण लोग बैठ मन्त्र पढ़ते हैं। बाप कहते हैं यह तुम्हारा कॉलेज भी है, यज्ञ भी है, दोनों इकट्ठे हैं। तुम जानते हो इस ज्ञान यज्ञ Read more…


13th June 2026

“जिन्होंने 84 जन्म लिए हैं वही यह नॉलेज सुनेंगे वा जो सतयुग–त्रेता में आने वाले हैं वही आकर ब्राह्मण बनेंगे, नम्बरवार पुरुषार्थ अनुसार। बाप ने समझाया है अभी तुम ब्राह्मण वर्ण में हो फिर वही देवता वर्ण में आयेंगे।” “Only Read more…


12th June 2026

“ओम् शान्ति। यह किसने कहा? दो बार कहते हैं ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। एक शिवबाबा ने कहा, एक ब्रह्मा बाबा ने। यह बापदादा इकट्ठे हैं। तो दोनों को बोलना पड़े ओम् शान्ति, ओम् शान्ति। अब पहले किसने कहा? बाद में Read more…


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