Title: Drama “बाप ने दु:ख के लिए तो सृष्टि नहीं रची है। यह बना–बनाया खेल है। जिनका पार्ट पिछाड़ी में है, 2-4 जन्म लेते हैं वह जरूर बाकी समय शान्ति में रहेंगे। बाकी ड्रामा के खेल से ही निकल Read more…
Title: Soul; Drama; Knowledge “सारा पार्ट आत्मा ही बजाती है, न कि शरीर। तुम्हारी बुद्धि में आ गया है कि हम आत्मा असुल में निराकारी दुनिया वा शान्तिधाम में रहने वाले हैं। यह किसको भी पता नहीं है। न Read more…
Title: ड्रामा | Drama; याद की यात्रा | Remembrance; योग | Yoga “बेहद का बाप बैठ बच्चों को समझाते हैं – मीठे बच्चे अपने को आत्मा समझ मुझ बाप को याद करो और अपने घर को याद करो। उनको Read more…