“किसकी याद है? परमपिता परमात्मा शिवबाबा की। उनकी याद में रहने से हमारे जो भी विकर्म हैं, वह भस्म हो जायेंगे और विकर्माजीत बन जायेंगे, जितना जो याद की ड्रिल में रहेंगे। यह आत्मा की ड्रिल है, शरीर की नहीं।” Read more…
“अपने को रूह आत्मा समझो, हमको बाबा मिला है, जिसको आधाकल्प याद करते थे। यह कभी भूलो मत। आधाकल्प आत्मा इस शरीर द्वारा याद करती आई है – हे पतित–पावन, हे दु:ख हर्ता सुख कर्ता क्योंकि रावण राज्य है ना। Read more…
“हम आत्मा शान्त स्वरूप हैं, दुनिया को पता ही नहीं। हम अपने स्वरूप में टिक जाते हैं, हमारा स्वधर्म है शान्त। हमारी आत्मा शान्त स्वरूप है। उनको यह पता ही नहीं इसलिए शान्ति माँगते हैं। आत्मा कहती है – शान्ति Read more…
“आप सभी सवेरे से उठते तो बेफिक्र स्थिति में स्थित होते हो, खाते पीते, कर्म करते कोई फिक्र नहीं। सोते हैं तो भी बेफिक्र, ऐसे बादशाह और बेफिक्र, उठो सोओ, बेफिक्र, ऐसे अनुभव करते हो? क्योंकि आप सबने बाप को Read more…
“तुम बच्चे अब समझते हो बाप सद्गति के लिए आकर ज्ञान–योग सिखलाते हैं। सिखलाने वाला तो जरूर चाहिए ना। शरीर तो नहीं सिखलायेगा। आत्मा ही सब कुछ करती है। आत्मा में ही अच्छे बुरे संस्कार रहते हैं। इस समय रावण Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, ओम् शान्ति | Om Shanti, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba
“बाप आकर तुम बच्चों को तसल्ली देते हैं कि अब थोड़ा धीरज धरो। तुम पापों के बोझ से बहुत भारी हो पड़े हो। अब तुमको पुण्य आत्मा बनाए ऐसी दुनिया में ले जाते हैं, जिसको स्वर्ग कहा जाता है। वहाँ Read more…
“पतित कैसे बनते हैं, यह भी बाप ने समझाया है। द्वापर से जब काम चिता पर बैठे हैं तो काले बन जाते हैं। काम अग्नि में सब भस्म हो गये हैं।” “The Father has explained how they became impure. When Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba, ब्रह्मा बाबा | Brahma Baba, श्रीमत | Shrimat
“अब यह तो बच्चे जानते हैं कि आत्माओं का बाप शिवबाबा है। यह भी तुम जानते हो कि मैं पतित–पावन हूँ, मैं निराकार हूँ। तुम भी निराकार हो, शान्त स्वरूप हो। निराकार बाप भी शान्त स्वरूप है, आत्मा भी शान्त Read more…