Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Tag: जन्मों का चक्र | Birth Cycle

10th September 2026

(1) वास्तव में यह अन्धियारा और सवेरा कल्प के इस पुरुषोत्तम संगमयुग पर होता है। अभी अज्ञान अन्धियारा दूर होता है। गाते भी हैं – ज्ञान सूर्य प्रगटा। वह सूर्य तो रोशनी देने वाला है। यह है ज्ञान सूर्य की Read more…


4th September 2026

(1) “मीठे बच्चे – इस बेहद के ड्रामा में हीरो हीरोइन का पार्ट तुम्हारा है, बाप का नहीं, बाप के पास सिर्फ पतितों को पावन बनाने का हुनर है” “Sweet children, you, and not the Father, have the parts of Read more…


25th August 2026

(1) प्रश्नः-हृदय को शुद्ध बनाने की सहज युक्ति कौन सी है? उत्तर:-कहाँ भी रहो ट्रस्टी होकर रहो। हमेशा समझो हम शिवबाबा के भण्डारे से खाते हैं। शिवबाबा के भण्डारे का भोजन खाने वालों का हृदय शुद्ध होता जाता है। प्रवृत्ति Read more…


15th August 2026

(1) अभी तुम समझते हो बरोबर बाबा आया हुआ है। हमको इस कलियुगी रावणराज्य से छुड़ाए साथ ले चलेंगे। बाप जानते हैं सभी आत्मायें पतित हैं, इसलिए शरीर भी पतित है। आत्मा को ही पावन बनाकर ले जाते हैं निर्वाणधाम Read more…


1st August 2026

प्रश्नः-अशरीरी बनने का अभ्यास जो सदा करते रहते, उनकी मुख्य निशानी सुनाओ?उत्तर:-वे हठ से अपनी कर्मेन्द्रियों को वश नहीं करते। लेकिन उनकी कर्मेन्द्रियाँ स्वत: शीतल हो जाती हैं। हम आत्मा भाई-भाई हैं, यह स्मृति स्वत: रहती है। देह-अभिमान छूटता जाता Read more…


27th July 2026

“बाप ज्ञान देते हैं सद्गति के लिए। सद्गति कहा जाता है जीवन–मुक्ति धाम को। यह आत्मा को बुद्धि में धारण करना है। हमारा घर शान्तिधाम है। उसको मुक्तिधाम, निर्वाणधाम भी कहा जाता है। सबसे अच्छा नाम है – शान्तिधाम। यहाँ Read more…


20th July 2026

“तुम इस पाठशाला में रोज़ यही पाठ पढ़ते हो कि हम शरीर नहीं आत्मा हैं। आत्म–अभिमानी बनने से ही तुम मनुष्य से देवता, नर से नारायण बन जाते हो। इस समय सब मनुष्य मात्र पुजारी अर्थात् पतित देह–अभिमानी हैं इसलिए Read more…


11th June 2026

“हम आत्मा को दो बाप हैं। एक साकार, एक है निराकार। वह परमपिता है, यह समझानी और कोई दे न सके। बाप के सिवाए और कोई यह पूछ न सके। बाप ही पूछते हैं तुम जो कहते हो परमपिता परमात्मा, Read more…


1st June 2026

“एक तरफ है सारी दुनिया – भक्ति मार्ग वाले और दूसरे तरफ हो तुम बच्चे ज्ञान मार्ग वाले। वह भक्ति की सीढ़ी चढ़ते रहते हैं और तुम बच्चे फिर ज्ञान की सीढ़ी चढ़ते हो। भक्ति की सीढ़ी उतरते हो। बच्चे Read more…


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