Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Tag: आत्मा | Soul

27th February 2026

Topic: Soul; Kalpa Tree   “अहम् आत्मा का स्वधर्म है शान्त। शान्तिधाम जाने के लिए कोई पुरुषार्थ नहीं करना पड़ता है। आत्मा स्वयं शान्त स्वरूप, शान्तिधाम में रहने वाली है। हाँ थोड़ा समय शान्त रह सकती है। आत्मा कहती है Read more…


23rd February 2026

Topic: Soul “मनुष्य देह–अभिमानी रहने के आदती हैं, देही–अभिमानी रहना भूल जाते हैं इसलिए बाप घड़ी–घड़ी कहते हैं देही–अभिमानी बनो। आत्मा ही भिन्न–भिन्न चोला लेकर पार्ट बजाती है। यह हैं उनके आरगन्स। अब बाप बच्चों को कहते हैं मनमनाभव।” “Human Read more…


12th February 2026

Title: Soul   “रूहानी बच्चों ने गीत सुना अर्थात् रूहों ने इस शरीर के कान कर्मेन्द्रियों द्वारा गीत सुना। दूर देश के मुसाफिर आते हैं, तुम भी मुसाफिर हो ना। जो भी मनुष्य आत्मायें हैं वह सब मुसाफिर हैं। आत्माओं Read more…


10th February 2026

Title: Soul; World Cycle   “ओम् शान्ति का अर्थ तो रूहानी बाप ने रूहानी बच्चों को समझाया है। ओम् माना मैं आत्मा हूँ और यह मेरा शरीर है। आत्मा तो देखने में नहीं आती है। आत्मा में ही अच्छे वा Read more…


9th February 2026

Title: Soul; World Cycle; बापदादा | BapDada    “बाप, दादा द्वारा अर्थात् शिवबाबा ब्रह्मा दादा द्वारा समझाते हैं, यह पक्का कर लो। लौकिक संबंध में बाप अलग, दादा अलग होता है। बाप से दादा का वर्सा मिलता है। कहते हैं Read more…


6th February 2026

Title: Soul; World Cycle; Drama   “जैसे आत्मा गुप्त है और शरीर प्रत्यक्ष है। आत्मा इन आंखों से देखने में नहीं आती है, इनकागनीटो है। है जरूर परन्तु इस शरीर से ढकी हुई है इसलिए कहा जाता है आत्मा गुप्त Read more…


5th February 2026

Title: World Cycle; Soul   “हिन्दू कोई धर्म नहीं है। धर्म मुख्य हैं चार। पहले हैं आदि सनातन देवी–देवता धर्म। सूर्यवंशी और चन्द्रवंशी दोनों को मिलाकर कहा जाता है देवी–देवता धर्म, डीटीज्म। वहाँ दु:ख का नाम नहीं था। 21 जन्म Read more…


4th February 2026

Title: Drama; Soul; Maya; Sanskar   “तुम बच्चों को कोई महिमा नहीं करनी है। बच्चे बाप की कभी महिमा नहीं करते। बाप जानते हैं यह हमारे बच्चे हैं। बच्चे जानते हैं यह हमारा बाबा है। अभी यह बेहद की बात Read more…


31st January 2026

Title: Remembrance; Soul; Shrimat; Yoga   “तुम पवित्र देवी–देवतायें थे, तुम्हारा कुल वा डिनायस्टी है, वह सब निर्विकारी थे। कौन निर्विकारी थे? आत्मायें। अब फिर तुम निर्विकारी बन रहे हो। जैसेकि सर्वशक्तिमान् बाप को याद कर उनसे शक्ति ले रहे Read more…


30th January 2026

Title: Soul; Drama; Knowledge   “सारा पार्ट आत्मा ही बजाती है, न कि शरीर। तुम्हारी बुद्धि में आ गया है कि हम आत्मा असुल में निराकारी दुनिया वा शान्तिधाम में रहने वाले हैं। यह किसको भी पता नहीं है। न Read more…


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