“बाप कहते हैं पहले–पहले तुम बच्चों को पतित शूद्र से ब्राह्मण बनाता हूँ। पावन बनते–बनते फिर 21 जन्मों के लिए तुम दैवी सम्प्रदाय बन जायेंगे। दैवी गोद में जायेंगे। आगे थे आसुरी गोद में। आसुरी गोद से फिर तुम ईश्वरीय Read more…
“एक तरफ है सारी दुनिया – भक्ति मार्ग वाले और दूसरे तरफ हो तुम बच्चे ज्ञान मार्ग वाले। वह भक्ति की सीढ़ी चढ़ते रहते हैं और तुम बच्चे फिर ज्ञान की सीढ़ी चढ़ते हो। भक्ति की सीढ़ी उतरते हो। बच्चे Read more…
“तुम तो कहते हो शिवबाबा। ब्रह्मा, विष्णु, शंकर को बाबा नहीं कहेंगे। वह तो देवता है। भगवान को ही बाबा कहेंगे, वह है निराकार, जिसकी पूजा करते हैं। जानते हैं शिवबाबा सभी का है। परन्तु यह ख्याल नहीं आता कि Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, मातेश्वरी जी | Mateshwari ji, शिव बाबा | Shiv Baba
Other Topic(s): Birth Cycle; “कलियुग अन्त तक भक्ति मार्ग चलता है, इसमें ज्ञान होता नहीं। ज्ञान से होती है सद्गति। सर्व का सद्गति दाता बाप जब तक न आये तब तक सद्गति हो न सके। बाप कहते हैं – मैं Read more…
Advanced, Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, ड्रामा | Drama, याद | Remembrance
“मनमनाभव। यह संस्कृत अक्षर वास्तव में है नहीं। बाप ने जब सहज राजयोग सिखाया है तब यह संस्कृत अक्षर बोले नहीं हैं। यह तो संस्कृत जानते ही नहीं हैं। बाप तो हिन्दी में ही समझाते हैं। भल यह रथ हिन्दी, Read more…
“आत्मा जानती है हम बिन्दी हैं। हमारा बाप भी ऐसे है। आत्मा ही प्रेजीडेन्ट है, आत्मा ही नौकर है। पार्ट आत्मा ही बजाती है। बाप है सबसे स्वीट। सब याद करते हैं हे पतित–पावन, दु:ख–हर्ता सुख–कर्ता आओ। अब तुम बच्चों Read more…
“ओम् शान्ति का अर्थ तो बच्चों को समझाया है। आत्मा अपना परिचय देती है। मेरा स्वरूप शान्त है और मेरा रहने का स्थान शान्तिधाम है, जिसको परमधाम, निर्वाणधाम भी कहा जाता है। बाप भी कहते हैं कि देह–अभिमान छोड़ देही–अभिमानी Read more…
“बच्चों को यह स्मृति में रखना चाहिए कि सतयुग–त्रेता किसको कहा जाता है, द्वापर–कलियुग किसको कहा जाता है। उनमें कौन–कौन राज्य करते थे, तुम्हारी बुद्धि में पूरी नॉलेज है। जैसे बाप को रचना के आदि–मध्य–अन्त का ज्ञान है, वैसे तुम्हारी Read more…
“बच्चे जानते हैं – हमको उनके साथ जाना है, यह शरीर छोड़ देना है इसलिए कहते हैं, यह शरीर छोड़करके हम चले जायेंगे बाप के साथ। बाप आये ही हैं साथ ले जाने। यह बहुत समझ की बात है। बच्चे Read more…
“बच्चे बैठे हैं – समझ रहे हैं कि हमारा बापदादा आया हुआ है। बाप तो इकट्ठा हो जाता है दादा के साथ, तो कहेंगे बापदादा आये हैं। वह टीचर भी है। बाप, दादा के बिगर तो कुछ बता न सके।” Read more…