Original Murli Date: 30 November 2011 Other Topic(s): Three Fortunes; Three Relationships with Baba; (1) आज बापदादा चारों ओर के बच्चों के मस्तक में भाग्य के चमकते हुए सितारे देख रहे हैं। एक जन्म का, दूसरा सम्बन्ध का और तीसरा Read more…
Original Murli Date: 15th November 2011 (1) बापदादा जानते हैं कि अभी तक रेडी हैं एवररेडी बनना पड़े। जो बापदादा ने दो बातें कही थी कि सेकण्ड में फुलस्टॉप लगाने वाले बच्चे चाहिए। व्यर्थ संकल्पों का नाम निशान न रहे। Read more…
Advanced, Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, मन | Mind, व्यर्थ संकल्प | Wasteful Thoughts
Original Murli Date: 19th October 2011 (1) जैसे ब्रह्मा बाप विजयी बने, ऐसे हर बच्चा सदा विजयी बने। इसके लिए जैसे ब्रह्मा बाप ने क्या किया? फालो फादर। तो आप सभी भी हर कदम उठाते पहले चेक करो कि यह Read more…
Original Murli Date: 13th April 2011 (1) बाप यह चाहता है कि प्यार की निशानी है कि सदा हर एक के दिल में दिलाराम साथ रहे, कोई भी बच्चा अकेला न हो, कम्बाइण्ड हो। तो चेक करना सदा कम्बाइण्ड रहते Read more…
(1) बापदादा यही चाहते हैं कि हर बच्चा स्वराज्य अधिकारी राजा बनें। स्व के ऊपर अर्थात् कर्मेन्द्रियों के ऊपर, मन-बुद्धि-संस्कार के ऊपर राजा बन राज्य करे। भविष्य में तो राज्य अधिकारी बनेंगे लेकिन अभी स्वराज्य अधिकारी राजा बनें। कोई भी Read more…
Original Murli Date: 16 March 2011 (1) जिन्हों को आप सकाश देंगे वही आपके भक्त बनेंगे whoever you give sakaash to, they will become your devotees. Link to the Original Video: https://youtu.be/cfBiP7k5svo
(1) कहाँ भी शरीर द्वारा रहते हैं लेकिन दिल में सदा बाप साथ है इसीलिए बाप को दिलाराम कहते हैं। यहाँ यादगार भी दिलवाला (देलवाड़ा) मन्दिर है। तो सभी के दिल में साथ में दिलाराम है ना! और बाप सदा Read more…
अभी-अभी 5 मिनट के लिए एक ड्रिल बापदादा सबको करा रहे हैं। अपने मन्सा शक्ति से सृष्टि में जो भी आपके भक्त वा अनेक दु:खी अशान्त आत्मायें आपको याद कर रही हैं, हे हमारे पूर्वज हमें थोड़े समय के लिए Read more…
Advanced, Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, मुरली | Murli, वृत्ति और संस्कार | Vritti and Sanskar
“बापदादा हर बच्चे से यही चाहते हैं कि हर एक बच्चा सदा स्वराज्य अधिकारी बनके रहे। कभी–कभी नहीं क्योंकि अभी के स्वराज्य अधिकार का वरदान बाप ने इस संगमयुग के लिए पूरा दिया है, थोड़ा नहीं, कभी–कभी वाला नहीं, सदा। Read more…
Avyakt Vaani - Key Points in Hindi and English, परमात्मा | शिव बाबा | Supreme Soul | Shiv Baba, मुरली | Murli
Other Topic(s): Mind “जैसे और कर्मेन्द्रियों को मेरी कहते हो वैसे ही मन को भी मेरा कहते हो। मेरा कहना अर्थात् मालिक बनो। मन में जो संकल्प करने चाहो, जितना समय वह संकल्प करने चाहो वह बंधा हुआ है क्योंकि Read more…