“मीठे बच्चे – यह सारी दुनिया रोगियों की बड़ी हॉस्पिटल है, बाबा आये हैं सारी दुनिया को निरोगी बनाने” “Sweet children, this whole world is a big hospital of the diseased. Baba has come to make the whole world free Read more…
“बाप कहते हैं बहुत जन्मों के अन्त में मैं प्रवेश करता हूँ। दिखाते हैं विष्णु की नाभी से ब्रह्मा निकला। अच्छा विष्णु फिर किसकी नाभी से निकला? उसमें एरो का निशान दे सकते हो कि दोनों ओत–प्रोत हैं। ब्रह्मा सो Read more…
“तुम मूँझो नहीं। तुम बेपरवाह बादशाह हो। असुरों के विघ्न पड़ने ही हैं। यह है ही रूद्र ज्ञान यज्ञ। तो पहले–पहले बाप का परिचय देना है। बाप कहते हैं मनमनाभव। जितना पुरुषार्थ करेंगे उस अनुसार पद पायेंगे।” “You mustn’t become Read more…
“बापदादा भी हर एक बच्चे को विजयी रत्न देख हर्षित होते हैं क्योंकि हिम्मते बच्चे मददे बाप है इसलिए दुनिया के लिए जो असम्भव बातें हैं वह आपके लिए सहज और सम्भव हो गई हैं। फ़खुर रहता है कि हम Read more…
“आत्मा को भी तुमने जाना है कि आत्मा क्या चीज़ है। दुनिया में तो एक भी मनुष्य नहीं, खास भारत आम दुनिया किसको भी पता नहीं कि आत्मा क्या चीज़ है। भल कहते हैं भ्रकुटी के बीच चमकता है अजब Read more…
“तुम श्रीमत पर सबको रास्ता बताते हो। हर एक को समझाते हो – दो बाप हैं, एक हद का, दूसरा बेहद का। लौकिक बाप होते हुए भी सब पारलौकिक बाप को याद करते हैं परन्तु उनको जानते बिल्कुल नहीं हैं। Read more…
“मीठेबच्चे – तुम्हें अभी बहुत–बहुत साधारण रहना है, फैशनेबुल ऊंचे कपड़े पहनने से भी देह–अभिमान आता है” “Sweet children, you now have to remain very, very simple. When you wear expensive, fashionable clothes, body consciousness comes.” “मीठे–मीठेबच्चों पास यह लक्ष्मी–नारायण Read more…
“You children would be sitting in remembrance. Even though you have bodies, you have to consider yourselves to be souls. It isn’t that you are sitting here without bodies. The Father says: Let go of body consciousness and sit here Read more…
“The golden age is called a new age; the iron age is called an old age.” “You now understand how you came into this old age from that new age, that is, how you became residents of hell from residents Read more…
“प्रश्नः–सर्विस में ढीलापन आने का मुख्य कारण क्या है? उत्तर:-जब देह–अभिमान के कारण एक दो की खामियां देखने लगते हैं तब सर्विस में ढीलापन आता है। आपस में अनबनी होना भी देह–अभिमान है। मैं फलाने के साथ नहीं चल सकता, Read more…