Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Author: admin

11th February 2026

Title: पवित्रता | Purity   “यह तो मनुष्य जानते हैं कि देवी–देवतायें पवित्र रहते हैं। भारत में जब सतयुग था तो देवी–देवता पवित्र थे। जरूर उन्होंने कोई प्राप्ति की होगी स्वर्ग के लिए। स्वर्ग की स्थापना करने वाले बाप बिगर Read more…


10th February 2026

Title: Soul; World Cycle   “ओम् शान्ति का अर्थ तो रूहानी बाप ने रूहानी बच्चों को समझाया है। ओम् माना मैं आत्मा हूँ और यह मेरा शरीर है। आत्मा तो देखने में नहीं आती है। आत्मा में ही अच्छे वा Read more…


9th February 2026

Title: Soul; World Cycle; बापदादा | BapDada    “बाप, दादा द्वारा अर्थात् शिवबाबा ब्रह्मा दादा द्वारा समझाते हैं, यह पक्का कर लो। लौकिक संबंध में बाप अलग, दादा अलग होता है। बाप से दादा का वर्सा मिलता है। कहते हैं Read more…


8th February 2026

Title: स्वमान | Self-Respect (Self-Sovereignty)   “आप सभी को जैसे बाप, ब्रह्मा बाप फरिश्ता बना तो निश्चित है फरिश्ता सो देवता बनना ही है। तो आपको भी फरिश्ता सो देवता बनना ही है। कई बच्चे कहते हैं कि चलते–चलते आपोजीशन Read more…


7th February 2026

Title: Murli; World Cycle; Sato | Rajo | Tamo   “यहाँ तुम बच्चे बैठे हो तुम जानते हो अभी बेहद का बापदादा आया कि आया। यह अवस्था जो तुम्हारी यहाँ रहती है, वह बाहर सेन्टर पर तो रह न सके। Read more…


6th February 2026

Title: Soul; World Cycle; Drama   “जैसे आत्मा गुप्त है और शरीर प्रत्यक्ष है। आत्मा इन आंखों से देखने में नहीं आती है, इनकागनीटो है। है जरूर परन्तु इस शरीर से ढकी हुई है इसलिए कहा जाता है आत्मा गुप्त Read more…


5th February 2026

Title: World Cycle; Soul   “हिन्दू कोई धर्म नहीं है। धर्म मुख्य हैं चार। पहले हैं आदि सनातन देवी–देवता धर्म। सूर्यवंशी और चन्द्रवंशी दोनों को मिलाकर कहा जाता है देवी–देवता धर्म, डीटीज्म। वहाँ दु:ख का नाम नहीं था। 21 जन्म Read more…


4th February 2026

Title: Drama; Soul; Maya; Sanskar   “तुम बच्चों को कोई महिमा नहीं करनी है। बच्चे बाप की कभी महिमा नहीं करते। बाप जानते हैं यह हमारे बच्चे हैं। बच्चे जानते हैं यह हमारा बाबा है। अभी यह बेहद की बात Read more…


3rd February 2026

Title: Drama   “बाप ने दु:ख के लिए तो सृष्टि नहीं रची है। यह बना–बनाया खेल है। जिनका पार्ट पिछाड़ी में है, 2-4 जन्म लेते हैं वह जरूर बाकी समय शान्ति में रहेंगे। बाकी ड्रामा के खेल से ही निकल Read more…


2nd February 2026

Title: Remembrance; Inheritance; Shrimat   “देह–अभिमान में आने से बाप को भूल दु:ख उठाते हो। जितना बाप को याद करेंगे उतना बेहद के बाप से सुख उठायेंगे।” “By becoming body conscious, you forget the Father and take sorrow on yourself. Read more…


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