Topic: Soul; Kalpa Tree “अहम् आत्मा का स्वधर्म है शान्त। शान्तिधाम जाने के लिए कोई पुरुषार्थ नहीं करना पड़ता है। आत्मा स्वयं शान्त स्वरूप, शान्तिधाम में रहने वाली है। हाँ थोड़ा समय शान्त रह सकती है। आत्मा कहती है Read more…
“21 जन्म तुम पवित्र बनते हो फिर विषय सागर में पड़ जाते हो। अभी ज्ञान का सागर बाप तुमको पतित से पावन बनाते हैं।” “You become pure for 21 births and you then fall into the ocean of poison. Now, Read more…
Topic: Brahmin; Remembrance “हम ब्राह्मण हैं, डाडे से वर्सा ले रहे हैं ब्रह्मा द्वारा इसलिए शिवबाबा कहते हैं जितना हो सके याद करते रहो।” “We are Brahmins and we are receiving our Grandfather’s inheritance through Brahma.” “ब्राह्मण तो Read more…
“योग अग्नि से पाप भस्म होंगे। गंगा स्नान से नहीं होंगे। बाबा कहते हैं माया ने तुमको फूल (मूर्ख) बना दिया है, अप्रैल फूल कहते हैं ना। अभी मैं तुमको लक्ष्मी–नारायण जैसा बनाने आया हूँ।” “Sins are burnt away in Read more…
Topic: Soul “मनुष्य देह–अभिमानी रहने के आदती हैं, देही–अभिमानी रहना भूल जाते हैं इसलिए बाप घड़ी–घड़ी कहते हैं देही–अभिमानी बनो। आत्मा ही भिन्न–भिन्न चोला लेकर पार्ट बजाती है। यह हैं उनके आरगन्स। अब बाप बच्चों को कहते हैं मनमनाभव।” “Human Read more…
“प्रश्नः–कौन सी खुराक तुम बच्चों को बाप समान बुद्धिवान बना देती है? उत्तर:-यह पढ़ाई है तुम बच्चों के बुद्धि की खुराक। जो रोज़ पढ़ाई पढ़ते हैं अर्थात् इस खुराक को लेते हैं उनकी बुद्धि पारस बन जाती है। पारसनाथ बाप Read more…
“कुमारों ने भी सुना कि यह पाठशाला है। पाठशाला में कोई न कोई तकदीर बनाई जाती है। वहाँ तो अनेक प्रकार की तकदीर है। कोई सर्जन बनने की, कोई बैरिस्टर बनने की तकदीर बनाते हैं। तकदीर को एम–ऑब्जेक्ट कहा जाता Read more…
“तुम अभी पुरुषार्थ कर रहे हो तो दिल अन्दर अपने से पूछते रहो हमारे में कोई छोटा–मोटा कांटा तो नहीं है? काम का कांटा तो नहीं है? क्रोध का छोटा कांटा वह भी बड़ा खराब है। देवतायें क्रोधी नहीं होते Read more…
“बाप को याद करना है, जिससे वर्सा मिल जाता है। तो अच्छी तरह से बाप से पूरा वर्सा लेना चाहिए ना। इसमें भी बाप कहते हैं विकार में कभी नहीं जाना। थोड़ी भी विकार की टेस्ट बैठी तो फिर वृद्धि Read more…
Title: Sato, Rajo and Tamo “बाबा सद्गति का रास्ता बताते हैं। तुम 84 जन्म लेते–लेते पतित बनते हो। अब पावन बनना है। यह है तमोप्रधान दुनिया। सतो, रजो, तमो में हर चीज़ आती है। यह जो सृष्टि है, उनकी Read more…