Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

Browsing:

Tag: Sakar Vaani

Key Points From Daily Murli – 30th December 2024

 “मीठे बच्चे – आत्मा रूपी बैटरी को ज्ञान और योग से भरपूर कर सतोप्रधान बनाना है, पानी के स्नान से नहीं”   “प्रश्नः– इस समय सभी मनुष्य आत्माओं को भटकाने वाला कौन है? वह भटकाता क्यों है? उत्तर:- सभी को Read more…


Key Points From Daily Murli – 28th December 2024

 “प्रश्नः– ईश्वरीय मत, दैवी मत और मनुष्य मत में कौन–सा मुख्य अन्तर है? उत्तर:- ईश्वरीय मत से तुम बच्चे वापिस अपने घर जाते हो फिर नई दुनिया में ऊंच पद पाते हो। दैवी मत से तुम सदा सुखी रहते हो Read more…


Key Points From Daily Murli – 27th December 2024

 1.   “ब्रह्मा भी है तो शिवबाबा भी है। अगर यह ब्रह्मा नहीं होता तो शिवबाबा भी नहीं होता। अगर कोई कहे कि हम तो शिवबाबा को ही याद करते हैं, ब्रह्मा को नहीं, परन्तु शिवबाबा बोलेंगे कैसे?”   2.    “जानते Read more…


Key Points From Daily Murli – 26th December 2024

 “प्रश्नः– दुनिया में कौन–सा ज्ञान होते हुए भी अज्ञान अन्धियारा है? उत्तर:- माया का ज्ञान, जिससे विनाश होता है। मून तक जाते हैं, यह ज्ञान बहुत है लेकिन नई दुनिया और पुरानी दुनिया का ज्ञान किसी के पास नहीं है। Read more…


Key Points From Daily Murli – 25th December 2024

 1.   “बाप सारे झाड़ की नॉलेज सुनाते हैं। तुम्हें फिर से स्मृति दिलाते हैं। तुम सो देवता थे फिर वैश्य, शूद्र बने। अभी तुम ब्राह्मण बने हो। यह अक्षर कभी कोई संन्यासी उदासी, विद्वान द्वारा सुने हैं? यह हम सो Read more…


Key Points From Daily Murli – 24th December 2024

 1.   “देह–अभिमान की बीमारी बहुत कड़ी है। बाबा मुरली में समझाते हैं, कइयों को तो ज्ञान का उल्टा नशा चढ़ जाता है, अहंकार आ जाता है फिर याद भी नहीं करते, पत्र भी नहीं लिखते। तो बाप भी याद कैसे Read more…


Key Points From Daily Murli – 23rd December 2024

 1.     “मनुष्य ही पुकारते हैं – हे पतितों को पावन बनाने वाले आओ। देवी–देवतायें ऐसे कभी नहीं कहेंगे। पतित–पावन बाप पतितों के बुलावे पर आते हैं। आत्माओं को पावन बनाकर फिर नई पावन दुनिया भी स्थापन करते हैं। आत्मा ही Read more…


Key Points From Daily Murli – 22nd December 2024

 1.     “बच्चे कहते वाह बाबा वाह! और बाप कहते वाह बच्चे वाह! बस इसी भाग्य को सिर्फ स्मृति में नहीं रखना है लेकिन सदा स्मृति स्वरूप रहना है। कई बच्चे सोचते बहुत अच्छा हैं लेकिन सोचना स्वरूप नहीं बनना है, Read more…


Key Points From Daily Murli – 20th December 2024

 1.     “हम उनके बच्चे हैं बाकी जो भी मित्र–सम्बन्धी आदि हैं उन सबको भुलाना पड़ता है। एक बिगर दूसरा कोई याद न पड़े। देह भी याद न पड़े। देह–अभिमान को तोड़ देही–अभिमानी बनना है। देह–अभिमान में आने से ही अनेक Read more…


Key Points From Daily Murli – 19th December 2024

 1.     “बाप को जानना, इसे ज्ञान कहा जाता है। यह भी तुम समझते हो हम पहले अज्ञानी थे। बाप को भी नहीं जानते थे, अपने को भी नहीं जानते थे। अब समझते हो हम आत्मा हैं, न कि शरीर। आत्मा Read more…


×