Topic: Soul “मनुष्य देह–अभिमानी रहने के आदती हैं, देही–अभिमानी रहना भूल जाते हैं इसलिए बाप घड़ी–घड़ी कहते हैं देही–अभिमानी बनो। आत्मा ही भिन्न–भिन्न चोला लेकर पार्ट बजाती है। यह हैं उनके आरगन्स। अब बाप बच्चों को कहते हैं मनमनाभव।” “Human Read more…
“आज बापदादा चारों ओर के बच्चों के तीन रूप देख रहे हैं – जैसे बाप के तीन रूप जानते हो, ऐसे बच्चों के भी तीन रूप देख रहे हैं। जो इस संगमयुग का लक्ष्य और लक्षण है, पहला स्वरूप ब्राह्मण, Read more…
“प्रश्नः–कौन सी खुराक तुम बच्चों को बाप समान बुद्धिवान बना देती है? उत्तर:-यह पढ़ाई है तुम बच्चों के बुद्धि की खुराक। जो रोज़ पढ़ाई पढ़ते हैं अर्थात् इस खुराक को लेते हैं उनकी बुद्धि पारस बन जाती है। पारसनाथ बाप Read more…
“कुमारों ने भी सुना कि यह पाठशाला है। पाठशाला में कोई न कोई तकदीर बनाई जाती है। वहाँ तो अनेक प्रकार की तकदीर है। कोई सर्जन बनने की, कोई बैरिस्टर बनने की तकदीर बनाते हैं। तकदीर को एम–ऑब्जेक्ट कहा जाता Read more…
“तुम अभी पुरुषार्थ कर रहे हो तो दिल अन्दर अपने से पूछते रहो हमारे में कोई छोटा–मोटा कांटा तो नहीं है? काम का कांटा तो नहीं है? क्रोध का छोटा कांटा वह भी बड़ा खराब है। देवतायें क्रोधी नहीं होते Read more…
“बाप को याद करना है, जिससे वर्सा मिल जाता है। तो अच्छी तरह से बाप से पूरा वर्सा लेना चाहिए ना। इसमें भी बाप कहते हैं विकार में कभी नहीं जाना। थोड़ी भी विकार की टेस्ट बैठी तो फिर वृद्धि Read more…
Bathypelagic fish are species that inhabit the bathypelagic zone of the ocean – roughly 1,000 to 4,000 meters below the surface – where sunlight never arrives. This region, often called the “midnight zone”, is marked by pitch-black darkness, immense pressure, Read more…
Title: Sato, Rajo and Tamo “बाबा सद्गति का रास्ता बताते हैं। तुम 84 जन्म लेते–लेते पतित बनते हो। अब पावन बनना है। यह है तमोप्रधान दुनिया। सतो, रजो, तमो में हर चीज़ आती है। यह जो सृष्टि है, उनकी Read more…
“जितना–जितना तुम सर्विस में जोर भरेंगे, बाप का परिचय सबको देते रहेंगे उतना तुम्हारा प्रभाव बढ़ेगा। हाँ विघ्न भी पड़ेंगे। यह भी गाया हुआ है आसुरी सम्प्रदाय के इस ज्ञान यज्ञ में बहुत विघ्न पड़ते हैं।” “The more powerful your Read more…
Title: Maya; Shiv Jayanti; “चारों ओर भक्त भी शिव जयन्ती वा शिवरात्रि कहके मनाते हैं, बड़े प्यार से मनाते हैं बापदादा भक्तों को देख करके भक्तों को भी भक्ति का फल देते हैं। लेकिन आपका मनाना और भक्तों का Read more…