“प्रश्नः– कौन–सा बल क्रिमिनल आंखों को फौरन ही बदल देता है? उत्तर:- ज्ञान के तीसरे नेत्र का बल जब आत्मा में आ जाता है तो क्रिमिनलपन समाप्त हो जाता है। बाप की श्रीमत है – बच्चे, तुम सब आपस में भाई–भाई Read more…
“बाप तुम आत्माओं को ज्ञान का तीसरा नेत्र देते हैं, जिससे आत्मा जान जाती है। शरीर बिगर तो आत्मा बात कर नहीं सकती। आत्माओं के रहने के स्थान को निर्वाणधाम कहा जाता है। तुम बच्चों को अब शान्तिधाम और सुखधाम Read more…
“शौक बहुत होना चाहिए, किसको भी रास्ता बताने का। जो खुद याद करते होंगे वही दूसरों को याद कराने का पुरुषार्थ करेंगे। बाप तो नहीं जाकर बात करेंगे। यह तो तुम बच्चों का काम है। गरीबों का भी कल्याण करना Read more…
“आज सर्व खजानों के दाता, ज्ञान का खजाना, शक्तियों का खजाना, सर्व गुणों का खजाना, श्रेष्ठ संकल्पों का खजाना देने वाला बापदादा अपने चारों ओर के खजाने के बालक सो मालिक अधिकारी बच्चों को देख रहे हैं। अखण्ड खजानों के Read more…
“पहली बात तो बाप को याद करना है। उनसे ही तुम्हारा कैरेक्टर्स सुधरता है। आयु भी बड़ी होती है एक की याद से। यह तो हैं ज्ञान रत्न। याद को रत्न नहीं कहा जाता। याद से ही तुम्हारे कैरेक्टर सुधरते Read more…
Song: योगी बनो ज्ञानी बनो | Yogi Bano Gyani Bano Singer: Minu Purushottam and Ashit Desai Link to the video with Hindi Lyrics and English Subtitles: Song Translation: योगी बनो ज्ञानी बनो, योगी जीवन है प्यारा। योगी बनो, ज्ञानी बनो, योगी जीवन है Read more…
“प्रश्नः–जिनकी बुद्धि में ज्ञान की धारणा नहीं होती है, उनकी निशानी क्या होगी? उत्तर:-वह छोटी–छोटी बातों में रंज (नाराज़) होते रहेंगे। जिसकी बुद्धि में जितना ज्ञान धारण होगा उतनी उसे खुशी रहेगी। बुद्धि में अगर यह ज्ञान रहे कि अभी Read more…
“प्रश्नः–21 जन्मों के लिए लॉटरी प्राप्त करने का पुरुषार्थ क्या है? उत्तर:-21 जन्मों की लॉटरी लेनी है तो मोहजीत बनो। एक बाप पर पूरा–पूरा कुर्बान जाओ। सदा यह स्मृति में रहे कि अब यह पुरानी दुनिया बदल रही है, हम Read more…
“ड्रामा अक्षर भी तुम बच्चों की बुद्धि में आता है। खेल अक्षर कहने से ही सारा खेल तुम्हारी बुद्धि में आ जाता है। गोया स्वदर्शन चक्रधारी तुम आपेही बन जाते हो। तीनों लोक भी तुम्हारी बुद्धि में आ जाते हैं। Read more…
“प्रश्नः–बच्चों को किस एक बात में मेहनत लगती है लेकिन खुशी और याद का वही आधार है? उत्तर:-आत्म–अभिमानी बनने में ही मेहनत लगती है लेकिन इसी से खुशी का पारा चढ़ता है, मीठा बाबा याद आता है। माया तुम्हें देह–अभिमान Read more…