“यह परमात्म स्नेह बाप समान अशरीरी सहज बना देता है। व्यक्त भाव से परे अव्यक्त स्थिति में अव्यक्त स्वरूप में स्थित कर देता है।” “This love of God easily makes you bodiless, the same as the Father. It takes you Read more…
“बापदादा जानते हैं जैसे–जैसे समय समीप आ रहा है उसी प्रमाण हर एक बच्चे के दिल में यह संकल्प, यह उमंग–उत्साह है कि अभी कुछ करना ही है क्योंकि देख रहे हो कि आज की तीनों सत्तायें अति हलचल में Read more…
“परमात्मा की डायरेक्ट रचना, पहली रचना आप पवित्र आत्माओं को ही प्राप्त होती है। जिससे आप ब्राह्मण ही विश्व की आत्माओं को भी मुक्ति का वर्सा बाप से दिलाते हो। तो यह सारे चक्कर में अनादि काल, आदि काल, मध्य Read more…
Avyakt Vaani Date: 18th January 2008 “जो आया है वह जाता भी है लेकिन जायेगा कैसे? स्नेह को याद करने से मेहनत चली जायेगी क्योंकि सभी को भिन्न–भिन्न समय पर बापदादा दोनों के स्नेह का अनुभव तो है। है Read more…
Avyakt Vaani Date: 31st December 2007 “विशेष समय का खजाना कभी भी व्यर्थ न जाये। एक सेकण्ड भी व्यर्थ को कार्य में लगाओ। समय को सफल करो, हर श्वांस को सफल करो, हर संकल्प को सफल करो, हर शक्ति Read more…
“आज सर्व खजानों के दाता, ज्ञान का खजाना, शक्तियों का खजाना, सर्व गुणों का खजाना, श्रेष्ठ संकल्पों का खजाना देने वाला बापदादा अपने चारों ओर के खजाने के बालक सो मालिक अधिकारी बच्चों को देख रहे हैं। अखण्ड खजानों के Read more…
“सत्यता की शक्ति सर्वश्रेष्ठ है। इस सत्यता की शक्ति का आधार है – सम्पूर्ण पवित्रता। मन–वचन–कर्म, सम्बन्ध–सम्पर्क, स्वप्न में भी अपवित्रता का नाम निशान न हो। ऐसी पवित्रता का प्रत्यक्ष स्वरूप क्या दिखाई देता? ऐसी पवित्र आत्मा के चलन और Read more…
“बापदादा भी हर एक बच्चे को विजयी रत्न देख हर्षित होते हैं क्योंकि हिम्मते बच्चे मददे बाप है इसलिए दुनिया के लिए जो असम्भव बातें हैं वह आपके लिए सहज और सम्भव हो गई हैं। फ़खुर रहता है कि हम Read more…
Avyakt Vaani of 15th October 2007 “BapDada is seeing on the forehead of each child three sparkling stars of three types of fortune. One fortune is of the elevated sustenance they have received from BapDada, the second fortune is of Read more…
“These divine sanskars of the present time are creating your new world. Check! Do you know how to check? You have to become your own checkers.” “Purity means to have just the one dharna of complete purity in your thoughts, Read more…