“इस समय यह रावण राज्य होने कारण मनुष्य सब हैं देह–अभिमानी इसलिए उन्हों को जंगल का कांटा कहा जाता है। यह कौन समझाते हैं? बेहद का बाप। जो अब कांटों को फूल बना रहे हैं। कहाँ–कहाँ माया ऐसी है जो Read more…
“बाप ने हर एक बच्चे को यह डायरेक्शन दिया है कि सभी आत्माओं को यह बाप का वर्सा गोल्डन वर्ल्ड का सन्देश देकरके उनको भी आप गिफ्ट दो। आपके पास कौन सी गिफ्ट है? एक तो नई दुनिया की गिफ्ट Read more…
“आत्मा अविनाशी है। वह कभी खत्म नहीं होती। आत्मा जो स्टार मिसल है, वह अति सूक्ष्म है। इन आंखों से देखने में नहीं आती है। कर्तव्य सब आत्मा करती है। परन्तु घड़ी–घड़ी देह–अभिमान में आ जाते हैं तो कहते हैं Read more…
“कहते हैं – अभी तुमको अशरीरी बनना है अर्थात् देह के भान को भूलना है। यह पुरानी दुनिया तो मिट जायेगी। इस शरीर को तो छोड़ना है अर्थात् सबको छोड़ना है क्योंकि यह दुनिया ही खत्म होनी है। तो अब Read more…
“दिन–प्रतिदिन बच्चों की लगन बढ़ती जाती है। जितना बाप को याद करेंगे उतना लव बढ़ेगा। बील्वेड मोस्ट बाप है ना। न सिर्फ अभी परन्तु भक्ति मार्ग में भी तुम बील्वेड मोस्ट समझते थे। कहते थे – बाबा जब आप आयेंगे Read more…
“यह याद की यात्रा है, जिससे विकर्म विनाश होते हैं। तुम याद में बैठते हो, जंक अर्थात् कट निकालने के लिए। बाप का डायरेक्शन है याद से कट निकलेगी क्योंकि पतित–पावन मैं ही हूँ। मैं किसी की याद से नहीं Read more…
“तुम बच्चों को अभी धीरज आ गया है। तुम जानते हो हमारा मर्तबा कितना ऊंच है वा कम है।” “You children have now developed patience. You know how elevated or low your status is” “बाप तो कहते हैं कि बच्चों Read more…
“कहा जाता है ज्ञान से सद्गति होती है। जरूर कहेंगे भक्ति और ज्ञान दोनों अलग–अलग हैं। मनुष्य समझते हैं कि भक्ति करने से ज्ञान मिलेगा तब सद्गति होगी। भक्ति के बीच में ज्ञान आ नहीं सकता। भक्ति सबके लिए है, Read more…
“बच्चे बाप से भी बाप द्वारा आगे जाते हैं” “You children go ahead of your Father through the Father” “आज अमृतवेले चारों ओर के बच्चों में एक बात जो ज्ञान का फाउण्डेशन है वह देखा। फाउण्डेशन है निश्चय।” “Today, at Read more…