“प्रश्नः– जिन बच्चों को स्वर्ग का मालिक बनने की खुशी है उनकी निशानी क्या होगी? उत्तर:- उनके अन्दर किसी भी प्रकार का दु:ख नहीं आ सकता। उन्हें नशा रहेगा कि हम तो बहुत बड़े आदमी हैं, हमें बेहद का बाप Read more…
“प्रश्नः– धन्धा आदि करते भी कौन–सा डायरेक्शन बुद्धि में याद रहना चाहिए? उत्तर:- बाप का डायरेक्शन है तुम किसी साकार वा आकार को याद नहीं करो, एक बाप की याद रहे तो विकर्म विनाश हों। इसमें कोई ये नहीं कह Read more…
1. “देह–अभिमान सभी विकारों का बीज है।” 2. “सर्व समर्पित होने में यह देह भान का मैं–पन ही रूकावट डालता है। कॉमन मैं–पन, मैं देह हूँ, वा देह के सम्बन्ध का मैं–पन, देह के पदार्थों का समर्पण यह तो Read more…
“प्रश्नः– तुम बच्चों को कौन–सा निश्चय बाप द्वारा ही हुआ है? उत्तर:- बाप तुम्हें निश्चय कराते कि मैं तुम्हारा बाप भी हूँ, टीचर भी हूँ, सतगुरू भी हूँ, तुम पुरूषार्थ करो इस स्मृति में रहने का। परन्तु माया तुम्हें यही Read more…
“मीठे बच्चे – पास विद् ऑनर होना है तो बुद्धियोग थोड़ा भी कहीं न भटके, एक बाप की याद रहे, देह को याद करने वाले ऊंच पद नहीं पा सकते“ गीत:- तू प्यार का सागर है………… 1. “ओम् Read more…
1. “बाप बैठ आत्माओं को समझाते हैं, आत्मा ही सुनकर कांध हिलाती है। हम आत्मा हैं, बाबा हमको पढ़ाते हैं, यह पक्का करना है। बाप हमें पतित से पावन बनाते हैं। आत्मा में ही अच्छे वा बुरे संस्कार होते हैं Read more…
1. “अब बाप बैठ रूहानी बच्चों को समझाते हैं कि जो जीते जी मरे हैं, कहते हैं हम जीते जी मर चुके है, जैसे मनुष्य मरता है तो सब कुछ भूल जाता है सिर्फ संस्कार रहते हैं। अभी तुम भी Read more…
“प्रश्नः– तुम बच्चों को किस एक बात का शौक रहना चाहिए? उत्तर:- जो नई–नई प्वाइंट्स निकलती हैं, उनको अपने पास नोट करने का शौक रहना चाहिए क्योंकि इतनी सब प्वाइंट्स याद रहना मुश्किल है। नोट्स लेकर फिर कोई को समझाना Read more…
1. “आत्मा भी निराकार, परमात्मा भी निराकार, इसमें फ़ोटो की भी बात नहीं। तुमको तो आत्मा निश्चय कर बाप को याद करना है, देह–अभिमान छोड़ना है। तुम्हें सदैव अविनाशी चीज़ को देखना चाहिए। तुम विनाशी देह को क्यों देखते हो! Read more…
1. “आज चारों ओर के सर्व श्रेष्ठ बच्चों को देख रहे हैं। हर एक बच्चा पूर्वज भी है और पूज्य भी है इसलिए इस कल्प वृक्ष के आप सभी जड़ हैं, तना भी हैं। तना का कनेक्शन सारे वृक्ष के Read more…