Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, मुक्ति और जीवनमुक्ति | Liberation and Liberation-in-Life
“सतयुग–त्रेता में सब पूज्य होते हैं। वहाँ पूजा वा भक्ति कोई होती नहीं फिर द्वापर में जब भक्ति मार्ग शुरू होता है तो यथा राजा–रानी तथा प्रजा पुजारी, भगत बन जाते हैं। बड़े से बड़ा राजा जो सूर्यवंशी पूज्य था, Read more…