Waah Drama Waah! Waah Baba Waah!

Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Category: Sakar Vaani – Key Points in Hindi and English

2nd January 2026

“तुम बच्चे हो ईश्वरीय सम्प्रदाय। आगे थे आसुरी सम्प्रदाय। आसुरी सम्प्रदाय को यह पता नहीं है कि भोलानाथ किसको कहा जाता है। यह भी नहीं जानते कि शिव शंकर अलग–अलग हैं। वह शंकर देवता है, शिव बाप है। कुछ भी Read more…


1st January 2026

“बाप बैठ समझाते हैं, यह दादा भी समझते हैं क्योंकि बाप बैठ दादा द्वारा समझाते हैं। तुम जैसे समझते हो वैसे दादा भी समझते हैं। दादा को भगवान नहीं कहा जाता। यह है भगवानुवाच।” “The Father sits here and explains. Read more…


31st December 2025

“प्रश्नः–इस ईश्वरीय मिशन में जो पक्के निश्चय बुद्धि हैं उनकी निशानियां क्या होंगी? उत्तर:-1- वे स्तुति–निंदा… सबमें धीरज से काम लेंगे, 2. क्रोध नहीं करेंगे, 3. किसी को भी दैहिक दृष्टि से नहीं देखेंगे। आत्मा को ही देखेंगे, आत्मा होकर Read more…


30th December 2025

“अभी तो थोड़े हैं, अनेकानेक बच्चे हो जायेंगे। इस समय थोड़े प्रैक्टिकल में बने हो फिर भी इस प्रजापिता ब्रह्मा को जानते तो सब हैं ना। नाम ही है प्रजापिता ब्रह्मा। कितनी ढेर प्रजा है। सब धर्म वाले इनको मानेंगे Read more…


29th December 2025

“प्रश्नः–आत्मा के संबंध में कौन सी एक महीन बात महीन बुद्धि वाले ही समझ सकते हैं? उत्तर:-आत्मा पर सुई की तरह धीरे–धीरे जंक (कट) चढ़ती गई है। वह याद में रहने से उतरती जायेगी। जब जंक उतरे अर्थात् आत्मा तमोप्रधान Read more…


27th December 2025

“प्रश्नः–किन दो शब्दों का राज़ तुम्हारी बुद्धि में होने कारण पुरानी दुनिया से बेहद का वैराग्य रहता है? उत्तर:-उतरती कला और चढ़ती कला का राज़ तुम्हारी बुद्धि में है। तुम जानते हो आधाकल्प हम उतरते आये, अभी है चढ़ने का Read more…


26th December 2025

“अपनी तकदीर ऊंच बनानी है तो कोई से भी बात करते, देखते बुद्धि का योग एक बाप से लगाओ” “In order to make your fortune elevated, connect your intellects in yoga to the one Father whenever you talk to anyone Read more…


25th December 2025

“प्रश्नः–अपनी स्थिति को एकरस बनाने का साधन क्या है? उत्तर:-सदा याद रखो जो सेकेण्ड पास हुआ, ड्रामा। कल्प पहले भी ऐसे ही हुआ था। अभी तो निंदा–स्तुति, मान–अपमान सब सामने आना है इसलिए अपनी स्थिति को एकरस बनाने के लिए Read more…


24th December 2025

“अविनाशी ज्ञान रत्नों का दान ही महादान है, इस दान से ही राजाई प्राप्त होती है इसलिए महादानी बनो” “the donation of the imperishable jewels of this knowledge is the greatest donation. It is through this donation that you receive Read more…


23rd December 2025

“मीठे बच्चे – जो संकल्प ईश्वरीय सेवा अर्थ चलता है, उसे शुद्ध संकल्प वा निरसंकल्प ही कहेंगे, व्यर्थ नहीं” “Sweet children, your thoughts for Godly service are called pure thoughts or being free from thoughts, they are not wasteful.”   Read more…


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