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Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Category: Sakar Vaani – Key Points in Hindi and English

Key Points From Daily Murli – 13th November 2024

 1.     “रावण का अर्थ ही है – 5 विकार स्त्री में, 5 विकार पुरूष में।”   2.    “यह निश्चय बिठाना है कि हम आत्मा हैं, परमात्मा नहीं हैं। न हमारे में परमात्मा व्यापक है। सभी में आत्मा व्यापक है। आत्मा Read more…


Key Points From Daily Murli – 12th November 2024

 1.     “माया का कितना बड़ा तूफान है। बहुतों को माया हराने की कोशिश करती है, आगे चल तुम बहुत देखेंगे, सुनेंगे।”   2.     “हिस्ट्री चैतन्य की होती है, जॉग्राफी तो जड़ वस्तु की है। तुम्हारी आत्मा जानती है हम कहाँ Read more…


Key Points From Daily Murli – 11th November 2024

 1.     “बाप ने समझाया है कि ध्यान और योग बिल्कुल अलग है। योग अर्थात् याद। आंखें खुली होते भी तुम याद कर सकते हो। ध्यान को कोई योग नहीं कहा जाता। भोग भी ले जाते हैं तो डायरेक्शन अनुसार ही Read more…


Key Points From Daily Murli – 9th November 2024

“प्रश्नः– ज्ञानवान बच्चे किस चिन्तन में सदा रहते हैं? उत्तर:- मैं अविनाशी आत्मा हूँ, यह शरीर विनाशी है। मैंने 84 शरीर धारण किये हैं। अब यह अन्तिम जन्म है। आत्मा कभी छोटी–बड़ी नहीं होती है। शरीर ही छोटा बड़ा होता Read more…


Key Points From Daily Murli – 8th November 2024

“प्रश्नः– इस पढ़ाई में कई बच्चे चलते–चलते फेल क्यों हो जाते हैं? उत्तर:- क्योंकि इस पढ़ाई में माया के साथ बॉक्सिंग है। माया की बॉक्सिंग में बुद्धि को बहुत कड़ी चोट लग जाती है। चोट लगने का कारण बाप से Read more…


Key Points From Daily Murli – 7th November 2024

1.    “अच्छे–अच्छे बच्चे भी ब्राह्मण से फिर शूद्र बन जाते हैं। इसको कहा जाता है माया से हार खाना। बाबा की गोद से हारकर रावण की गोद में चले जाते हैं। कहाँ बाप की श्रेष्ठ बनने की गोद, कहाँ भ्रष्ट Read more…


Key Points From Daily Murli – 6th November 2024

 1.     “ज्ञान के लिए शुद्ध बर्तन चाहिए। उल्टे–सुल्टे संकल्प भी बन्द हो जाने चाहिए। बाप के साथ योग लगाते–लगाते बर्तन सोना बने तब यह ज्ञान रत्न ठहर सकें।”   2.     “पहले नई दुनिया में हद है। बहुत थोड़े मनुष्य होते Read more…


Key Points From Daily Murli – 5th November 2024

 1.    “एक है रूहानी बाप की श्रीमत, दूसरी है रावण की आसुरी मत।“   2.    “आसुरी मत जबसे मिलती है, तुम नीचे गिरते ही आते हो।”   3.    “श्रीमत तुम बच्चों को मिलती है फिर से श्रेष्ठ बनने के लिए। Read more…


Key Points From Daily Murli – 4th November 2024

 1.     “मीठे बच्चे – अपनी खामियां निकालनी हैं तो सच्चे दिल से बाप को सुनाओ, बाबा तुम्हें कमियों को निकालने की युक्ति बतायेंगे।”   2.    “अपने अन्दर में देखो कोई खामी तो नहीं है? क्योंकि तुम सबको परफेक्ट बनना है। Read more…


Key Points From Daily Murli – 2nd November 2024

 1.    “जैसा बाप वैसे बच्चे होते हैं।“   2.    “सारा मदार पुरूषार्थ पर है। पुरूषार्थ कर जितना ऊंच पद लेना हो ले सकते हो।“   3.    “वह है बेहद का बाप, बेहद सुख देने वाला। समझाते हैं सतोप्रधान बनने से Read more…


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