1. ““मीठे बच्चे – एकान्त में बैठ अपने साथ बातें करो, हम अविनाशी आत्मा हैं, बाप से सुनते हैं, यह प्रैक्टिस करो” “Sweet children, sit in solitude and talk to yourself. Practise, “I am an imperishable soul and I listen Read more…
1. “प्रश्नः- कौन-सी एक बात तुम्हें बार-बार अपने से घोट कर पक्की करनी चाहिए? उत्तर:- हम आत्मा हैं, हम परमात्मा बाप से वर्सा ले रहे हैं। आत्मायें हैं बच्चे, परमात्मा है बाप। अभी बच्चे और बाप का मेला हुआ है। Read more…
1. “बाप ही ज्ञान का सागर है। वह सत है, चैतन्य है, अमर है। पुनर्जन्म रहित है। शान्ति का सागर, सुख का सागर, पवित्रता का सागर है।” “The Father is the Ocean of Knowledge. He is the Truth, the Living Read more…
1. “यह बाप तो कोई शास्त्र पढ़कर नहीं सुनाते। तुमको इस पढ़ाई से मनुष्य से देवता बनाते हैं। तुम आते ही हो मनुष्य से देवता बनने। हैं वह भी मनुष्य, यह भी मनुष्य। परन्तु यह बाप को बुलाते हैं कि Read more…
1. “प्रश्नः- बुद्धि को स्वच्छ बनाने का पुरूषार्थ क्या है? स्वच्छ बुद्धि की निशानी क्या होगी? उत्तर:- देही-अभिमानी बनने से ही बुद्धि स्वच्छ बनती है। ऐसे देही-अभिमानी बच्चे अपने को आत्मा समझ एक बाप को प्यार करेंगे। बाप से ही Read more…
1. “प्रश्नः- ब्राह्मण बच्चों को किस बात में अपनी बहुत-बहुत सम्भाल करनी है और क्यों? उत्तर:- सारे दिन की दिनचर्या में कोई भी पाप कर्म न हो इससे सम्भाल करनी है क्योंकि तुम्हारे सामने बाप धर्मराज के रूप में खड़ा Read more…
1. “वह समझते हैं विष्णु तो सूक्ष्मवतन में रहने वाला है। वास्तव में वह है युगल रूप, प्रवृत्ति मार्ग का। बाकी 4 भुजा कोई होती नहीं हैं। चार भुजा माना प्रवृत्ति मार्ग, दो भुजा हैं निवृत्ति मार्ग। बाप ने प्रवृत्ति Read more…
1. “बुद्धि से बच्चे जानते हैं हम विश्व के महाराजा-महारानी बनेंगे। बाप है ज्ञान का सागर, सुप्रीम रूहानी टीचर रूहों को बैठ पढ़ाते हैं। आत्मा इन शरीर रूपी कर्मेन्द्रियों द्वारा जानती है कि हम बाप से विश्व क्राउन प्रिन्स-प्रिन्सेज बनने Read more…
1. “इस ड्रामा में जो सबका पार्ट है, वह अब पूरा होता है। नाटक जब पूरा होने पर होता है तो सभी एक्टर्स समझते हैं कि हमारा पार्ट अब पूरा होता है। अब जाना है घर। तुम बच्चों को भी Read more…
1. “अब बाप ने डायरेक्शन दिया है कि सबको माया की जंजीरों से, गुरुओं की जंजीरों से छुड़ाओ। तुम्हारा धन्धा ही यह है।” “The Father has now given you the direction to liberate everyone from the chains of Maya, from Read more…