Title: World Cycle; Soul “हिन्दू कोई धर्म नहीं है। धर्म मुख्य हैं चार। पहले हैं आदि सनातन देवी–देवता धर्म। सूर्यवंशी और चन्द्रवंशी दोनों को मिलाकर कहा जाता है देवी–देवता धर्म, डीटीज्म। वहाँ दु:ख का नाम नहीं था। 21 जन्म Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, ड्रामा | Drama, माया | Maya, वृत्ति और संस्कार | Vritti and Sanskar
Title: Drama; Soul; Maya; Sanskar “तुम बच्चों को कोई महिमा नहीं करनी है। बच्चे बाप की कभी महिमा नहीं करते। बाप जानते हैं यह हमारे बच्चे हैं। बच्चे जानते हैं यह हमारा बाबा है। अभी यह बेहद की बात Read more…
Title: Drama “बाप ने दु:ख के लिए तो सृष्टि नहीं रची है। यह बना–बनाया खेल है। जिनका पार्ट पिछाड़ी में है, 2-4 जन्म लेते हैं वह जरूर बाकी समय शान्ति में रहेंगे। बाकी ड्रामा के खेल से ही निकल Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, याद | Remembrance, वर्सा | Inheritance, श्रीमत | Shrimat
Title: Remembrance; Inheritance; Shrimat “देह–अभिमान में आने से बाप को भूल दु:ख उठाते हो। जितना बाप को याद करेंगे उतना बेहद के बाप से सुख उठायेंगे।” “By becoming body conscious, you forget the Father and take sorrow on yourself. Read more…
“दो शब्द गिराने वाले भी हैं, चढ़ाने वाले भी हैं, वह दो शब्द सभी जानते हैं, सबके मन में आ गया है। वह दो शब्द हैं – मैं और मेरा। भाषण में कहते हो ना, क्लास भी कराते हो ना। Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, याद | Remembrance, योग | Yoga, श्रीमत | Shrimat
Title: Remembrance; Soul; Shrimat; Yoga “तुम पवित्र देवी–देवतायें थे, तुम्हारा कुल वा डिनायस्टी है, वह सब निर्विकारी थे। कौन निर्विकारी थे? आत्मायें। अब फिर तुम निर्विकारी बन रहे हो। जैसेकि सर्वशक्तिमान् बाप को याद कर उनसे शक्ति ले रहे Read more…
Title: Soul; Drama; Knowledge “सारा पार्ट आत्मा ही बजाती है, न कि शरीर। तुम्हारी बुद्धि में आ गया है कि हम आत्मा असुल में निराकारी दुनिया वा शान्तिधाम में रहने वाले हैं। यह किसको भी पता नहीं है। न Read more…
Sakar Vaani - Key Points in Hindi and English, आत्मा | Soul, ज्ञान | Knowledge, याद | Remembrance, सृष्टि चक्र | World Cycle
Title: Remembrance; Soul; Knowledge; World Cycle “याद का अर्थ भी समझना है। आत्मा याद करती है अपने स्वीट बाप को। बाप खुद कहते हैं – बच्चे, मुझे याद करने से तुम सतोप्रधान देवता बन जायेंगे। सारा मदार याद की Read more…
Title: World Cycle; Confluence Age “यह साकार है, वह निराकार है। सृष्टि भी यहाँ ही है। इस सृष्टि का ही चक्र है जो फिरता रहता है, रिपीट होता रहता है। सूक्ष्मवतन की सृष्टि का चक्र नहीं गाया जाता है। Read more…
Title: ध्यान और योग | Trance and Yoga; ज्ञान और योग | Knowledge and Yoga “बाबा ने समझाया है – ध्यान और योग बिल्कुल अलग है। योग अर्थात् याद। आंखें खुली होते याद कर सकते हो। ध्यान को योग Read more…