“प्रश्नः–बाप को गरीब–निवाज़ क्यों कहा गया है? उत्तर:-क्योंकि इस समय जब सारी दुनिया गरीब अर्थात् दु:खी बन गई है तब बाप आये हैं सबको दु:ख से छुड़ाने। बाकी किस पर तरस खाकर कपड़े दे देना, पैसा दे देना वह कोई Read more…
“तुम जानते हो यह लक्ष्मी–नारायण अपने पूर्व जन्म में सीख–कर फिर मनुष्य से देवता बनें। इस पढ़ाई से यह राजधानी स्थापन हो रही है। पढ़ाई से कितना ऊंच पद मिलता है। वन्डर है ना।” “You know that Lakshmi and Narayan Read more…
“इस समय तुमको समझाता हूँ – अब वापिस घर जाना है। तुम पहले सतोप्रधान थे, सतो–रजो–तमो में तुमने पूरे 84 जन्म लिए हैं। उसमें भी नम्बरवन यह (ब्रह्मा) है। औरों के 83 जन्म भी हो सकते हैं इनके लिए पूरे Read more…
“अभी तुमको एक बाप को ही याद करना है। बाबा आप कितने मीठे हैं, कितना मीठा वर्सा आप देते हैं। हमको मनुष्य से देवता, मन्दिर लायक बनाते हो। ऐसे–ऐसे अपने से बातें करनी हैं। मुख से कुछ बोलना नहीं है। Read more…
“प्रश्नः–डबल अहिंसक बनने वाले बच्चों को कौन सा ध्यान रखना है? उत्तर:-1. ध्यान रखना है कि ऐसी कोई वाचा मुख से न निकले जिससे किसी को भी दु:ख हो क्योंकि वाचा से दु:ख देना भी हिंसा है। 2. हम देवता Read more…
“अब बाप शान्ति–धाम–सुखधाम में ले जाते हैं। इनको कहा जाता है टॉवर ऑफ साइलेन्स अर्थात् साइलेन्स की ऊंचाई, जहाँ आत्मायें निवास करती हैं वह है टॉवर ऑफ साइलेन्स। सूक्ष्मवतन है मूवी, उसका सिर्फ तुम साक्षात्कार करते हो, बाकी उनमें कुछ Read more…
“कहते हैं मैं तुम रूहों को रूहानी ड्रिल सिखलाता हूँ। वह सब जिस्मानी बच्चों को जिस्मानी ड्रिल सिखलाते हैं। उन्हों को ड्रिल आदि भी शरीर से ही करनी होती है। इसमें तो शरीर की कोई बात ही नहीं। बाप कहते Read more…
“तुम सबको ईश्वर का बनाते हो। समझाते हो वह हम आत्माओं का बेहद का बाप है। उनसे बेहद का वर्सा मिलेगा। जैसे लौकिक बाप को याद किया जाता है, उनसे भी जास्ती पारलौकिक बाप को याद करना पड़े। लौकिक बाप Read more…
“बाप कहते हैं यह भी पूजा करते थे ना। सारी दुनिया इस समय पुजारी है। नई दुनिया में एक ही पूज्य देवी–देवता धर्म रहता है। बच्चों को स्मृति में आया बरोबर ड्रामा के प्लैन अनुसार यह बिल्कुल राइट है। गीता Read more…
“प्रश्नः–तुम बच्चे किस नॉलेज को समझने के कारण बेहद का संन्यास करते हो? उत्तर:-तुम्हें ड्रामा की यथार्थ नॉलेज है, तुम जानते हो ड्रामानुसार अब इस सारे मृत्युलोक को भस्मीभूत होना है। अभी यह दुनिया वर्थ नाट ए पेनी बन गई Read more…