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Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Tag: Sakar Vaani

Key Points From Daily Murli – 7th November 2024

1.    “अच्छे–अच्छे बच्चे भी ब्राह्मण से फिर शूद्र बन जाते हैं। इसको कहा जाता है माया से हार खाना। बाबा की गोद से हारकर रावण की गोद में चले जाते हैं। कहाँ बाप की श्रेष्ठ बनने की गोद, कहाँ भ्रष्ट Read more…


Key Points From Daily Murli – 6th November 2024

 1.     “ज्ञान के लिए शुद्ध बर्तन चाहिए। उल्टे–सुल्टे संकल्प भी बन्द हो जाने चाहिए। बाप के साथ योग लगाते–लगाते बर्तन सोना बने तब यह ज्ञान रत्न ठहर सकें।”   2.     “पहले नई दुनिया में हद है। बहुत थोड़े मनुष्य होते Read more…


Key Points From Daily Murli – 5th November 2024

 1.    “एक है रूहानी बाप की श्रीमत, दूसरी है रावण की आसुरी मत।“   2.    “आसुरी मत जबसे मिलती है, तुम नीचे गिरते ही आते हो।”   3.    “श्रीमत तुम बच्चों को मिलती है फिर से श्रेष्ठ बनने के लिए। Read more…


Key Points From Daily Murli – 4th November 2024

 1.     “मीठे बच्चे – अपनी खामियां निकालनी हैं तो सच्चे दिल से बाप को सुनाओ, बाबा तुम्हें कमियों को निकालने की युक्ति बतायेंगे।”   2.    “अपने अन्दर में देखो कोई खामी तो नहीं है? क्योंकि तुम सबको परफेक्ट बनना है। Read more…


Key Points From Daily Murli – 3rd November 2024

1.     “ब्राह्मण जीवन की पर्सनाल्टी प्युरिटी है और प्युरिटी ही रूहानी रॉयल्टी है। तो आदि अनादि, आदि मध्य और अन्त सारे कल्प में यह रूहानी रॉयल्टी चलती रही है।”   2.    “प्युरिटी की वृत्ति है – शुभ भावना, शुभ कामना। Read more…


Key Points From Daily Murli – 2nd November 2024

 1.    “जैसा बाप वैसे बच्चे होते हैं।“   2.    “सारा मदार पुरूषार्थ पर है। पुरूषार्थ कर जितना ऊंच पद लेना हो ले सकते हो।“   3.    “वह है बेहद का बाप, बेहद सुख देने वाला। समझाते हैं सतोप्रधान बनने से Read more…


Key Points From Daily Murli – 2nd December 2024

 “प्रश्नः– कौन–सा पुरुषार्थ गुप्त बाप से गुप्त वर्सा दिला देता है? उत्तर:- अन्तर्मुख अर्थात् चुप रहकर बाप को याद करो तो गुप्त वर्सा मिल जायेगा। याद में रहते शरीर छूटे तो बहुत अच्छा, इसमें कोई तकलीफ नहीं। याद के साथ–साथ Read more…


October 2024 – Key Points from Daily Murli

21st October 2024 “बाप सिर्फ कहते हैं मनमनाभव अर्थात् अपने को आत्मा समझ मुझे याद करो।” “पापों को भस्म कर पावन होंगे, याद की यात्रा से।” “योग अर्थात् याद की यात्रा।” “अपने को आत्मा समझने से देह का अहंकार बिल्कुल Read more…


Key Points From Daily Murli – 31st October 2024

“कभी भी कोई विकार की बात हमारे आगे आ नहीं सकती, सिर्फ विकार की भी बात नहीं। एक भूत नहीं परन्तु कोई भी भूत आ नहीं सकता। ऐसा शुद्ध अहंकार रहना चाहिए। बहुत ऊंच ते ऊंच भगवान के हम बच्चे Read more…


Key Points From Daily Murli – 30th October 2024

“प्रश्नः– बाप जो समझाते हैं उसे कोई सहज मान लेते, कोई मुश्किल समझते – इसका कारण क्या है? उत्तर:- जिन बच्चों ने बहुत समय भक्ति की है, आधाकल्प से पुराने भक्त हैं, वह बाप की हर बात को सहज मान Read more…


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