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Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Tag: Sakar Vaani

Key Points From Daily Murli – 8th January 2025

 1.     “ज्ञान काण्ड अलग है, भक्ति काण्ड अलग है। भक्ति करते–करते उतरते ही आते हैं। यह ज्ञान तो एक ही बार मिलता है। बाप एक ही बार सर्व की सद्गति करने आते हैं। बाबा आकर सबकी एक ही बार प्रालब्ध Read more…


Key Points From Daily Murli – 7th January 2025

 “प्रश्नः– जो ज्ञान के शौकीन बच्चे हैं, उनकी निशानी क्या होगी? उत्तर:- वे आपस में ज्ञान की ही बातें करेंगे। कभी परचिंतन नहीं करेंगे। एकान्त में जाकर विचार सागर मंथन करेंगे।   प्रश्नः– इस सृष्टि ड्रामा का कौन सा राज़ Read more…


Key Points From Daily Murli – 6th January 2025

 “मीठे बच्चे – तुम्हारा एक–एक बोल बहुत मीठा फर्स्टक्लास होना चाहिए, जैसे बाप दु:ख हर्ता, सुख कर्ता है, ऐसे बाप समान सबको सुख दो“   “प्रश्नः– लौकिक मित्र–सम्बन्धियों को ज्ञान देने की युक्ति क्या है? उत्तर:- कोई भी मित्र–सम्बन्धी आदि Read more…


Key Points From Daily Murli – 5th January 2025

 1.     “राज अधिकारी अर्थात् सर्व सूक्ष्म और स्थूल कर्मेन्द्रियों के अधिकारी क्योंकि स्वराज्य है ना? तो कभी–कभी राजे बनते हो या सदा राजे रहते हो? मूल है अपने मन–बुद्धि–संस्कार के भी अधिकारी हो? सदा अधिकारी हो या कभी–कभी? स्व राज्य Read more…


Key Points From Daily Murli – 4th January 2025

 1.     “आत्मा जब शरीर से न्यारी हो जाती है तो दुनिया से सारा संबंध टूट जाता है। गीत भी कहता है अपने को आत्मा समझ अशरीरी बन बाप को याद करो तो यह दुनिया खत्म हो जाती है। यह शरीर Read more…


Key Points From Daily Murli – 3rd January 2025

 1.     “तुम्हारे तीर्थ हैं – घर में बैठ चुपके से मुक्तिधाम पहुँचना। दुनिया के तीर्थ तो कॉमन हैं, तुम्हारे हैं न्यारे। मनुष्यों का बुद्धियोग तो साधू–सन्तों आदि तरफ बहुत ही भटकता रहता है। तुम बच्चों को तो सिर्फ बाप को Read more…


Key Points From Daily Murli – 2nd January 2025

 “मीठे बच्चे – बाप का पार्ट एक्यूरेट है, वह अपने समय पर आते हैं, ज़रा भी फ़र्क नहीं पड़ सकता, उनके आने का यादगार शिवरात्रि खूब धूमधाम से मनाओ”   1.    “फाइनल तो होना है सतयुग में। वहाँ घर–घर में Read more…


Key Points From Daily Murli – 1st January 2025

 1.     “जैसे सागर के ऊपर में बादल हैं तो बादलों का बाप हुआ सागर। जो बादल सागर के साथ हैं उनके लिए ही बरसात है। वह बादल भी पानी भरकर फिर बरसते हैं। तुम भी सागर के पास आते हो Read more…


December 2024 – Key Points from Daily Murli

01/12/2024 हर एक ब्राह्मण आत्मा का ब्राह्मण जीवन का आदिकाल स्नेह की शक्ति द्वारा ही हुआ है। ब्राह्मण जन्म की यह स्नेह की शक्ति वरदान बन आगे बढ़ा रही है। सबसे पहली स्मृति सबको क्या मिली? पहला पाठ याद है Read more…


Key Points From Daily Murli – 31st December 2024

 1.     “ऐसा नहीं, जो सुख देता है वही दु:ख भी देता है। नहीं, सुख बाप देते हैं, दु:ख माया रावण देता है।”   2.    “यह ज्ञान तुम्हें अभी ही मिलता है क्योंकि तुम जानते हो अभी आत्मा पतित बन पड़ी Read more…


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