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Key Points From Daily Sakar Vaani and Avyakt Vaani – In Hindi and English

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Tag: Sakar Vaani

Key Points From Daily Murli – 15th February 2025

 “प्रश्नः– देह–अभिमान में आने से पहला पाप कौन–सा होता है? उत्तर:- अगर देह–अभिमान है तो बाप की याद के बजाए देहधारी की याद आयेगी, कुदृष्टि जाती रहेगी, खराब ख्यालात आयेंगे। यह बहुत बड़ा पाप है। समझना चाहिए, माया वार कर Read more…


Key Points From Daily Murli – 14th February 2025

 “प्रश्नः– बुद्धियोग स्वच्छ बन बाप से लग सके, उसकी युक्ति कौन–सी रची हुई है? उत्तर:- 7 दिन की भट्ठी। कोई भी नया आता है तो उसे 7 दिन के लिए भट्ठी में बिठाओ जिससे बुद्धि का किचड़ा निकले और गुप्त Read more…


Key Points From Daily Murli – 13th February 2025

 1.     “अभी तुम समझाते हो हम योगबल से विश्व की बादशाही लेते हैं तो क्या योगबल से बच्चे नहीं हो सकते। वह है ही निर्विकारी दुनिया। अभी तुम शूद्र से ब्राह्मण बने हो। ऐसा अच्छी रीति समझाना है जो मनुष्य Read more…


Key Points From Daily Murli – 12th February 2025

 “प्रश्नः– अपने जीवन को हीरे जैसा बनाने के लिए किस बात की बहुत–बहुत सम्भाल चाहिए? उत्तर:- संग की। बच्चों को संग उनका करना चाहिए जो अच्छा बरसते हैं। जो बरसते नहीं, उनका संग रखने से फायदा ही क्या! संग का Read more…


Key Points From Daily Murli – 11th February 2025

 1.     “जो जिस भावना से जिसकी पूजा करते हैं उनको वह साक्षात्कार होता है। यह ड्रामा में नूँध है। यह तो भगवान की बड़ाई की है कि वह साक्षात्कार कराते हैं।”   2.    “यह भी समझाना है कि गुरू दो Read more…


Key Points From Daily Murli – 10th February 2025

 “मीठे बच्चे – तुम्हें बाप द्वारा जो अद्वैत मत मिल रही है, उस मत पर चलकर कलियुगी मनुष्यों को सतयुगी देवता बनाने का श्रेष्ठ कर्तव्य करना है“   “प्रश्नः– सभी मनुष्य–मात्र दु:खी क्यों बने हैं, उसका मूल कारण क्या है? Read more…


Key Points From Daily Murli – 9th February 2025

 1.     “ब्रह्मा बाप ने निमित्त बच्चों को विश्व सेवा की जिम्मेवारी का ताज पहनाया। स्वयं अननोन बनें और बच्चों को साकार स्वरूप में निमित्त बनाने का, स्मृति का तिलक दिया। स्वयं समान अव्यक्त फरिश्ते स्वरूप का, प्रकाश का ताज पहनाया। Read more…


Key Points From Daily Murli – 8th February 2025

 1.     “शान्ति तो शान्तिधाम में ही हो सकती है, जिसको मूलवतन कहा जाता है। आत्मा को जब शरीर नहीं है तब शान्ति है। सतयुग में पवित्रता–सुख–शान्ति सब है।”   2.    “रूहानी बाप बैठ रूहानी बच्चों को समझाते हैं। सब मनुष्य Read more…


Key Points From Daily Murli – 7th February 2025

 “मीठे बच्चे – तुम्हें चलते फिरते याद में रहने का अभ्यास करना है। ज्ञान और योग यही मुख्य दो चीजें हैं, योग माना याद“   “प्रश्नः– अक्लमंद (होशियार) बच्चे कौन से बोल मुख से नहीं बोलेंगे? उत्तर:- हमें योग सिखलाओ, Read more…


Key Points From Daily Murli – 6th February 2025

 “मीठे बच्चे – पुरानी दुनिया के कांटों को नई दुनिया के फूल बनाना – यह तुम होशियार मालियों का काम हैं”   “प्रश्नः– संगमयुग पर तुम बच्चे कौन–सी श्रेष्ठ तकदीर बनाते हो? उत्तर:- कांटे से खुशबूदार फूल बनना – यह Read more…


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